2019 में अब तक 66,835 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा व्यक्त
   दिनांक 22-जुलाई-2019
 
 
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. मनमोहन वैद्य (मध्य में)। साथ में हैं (बाएं से) आंध्र प्रदेश के प्रांत संघचालक श्री श्रीनिवास राजू एवं अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री अरुण कुमार
गत दिनों विजयवाड़ा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रांत प्रचारक बैठक संपन्न हुई। बैठक के अंतिम दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने पत्रकारों से बातचीत की। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संघ समाज को साथ लेकर व समाज के सहयोग से काम करता है। आगामी काल में संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक सामाजिक परिवर्तन के कार्य में सक्रिय हो, इसके लिए प्रयासों की गति बढ़ाई जाएगी। भारतीय मूल्यों व सांस्कृतिक जीवन-पद्धति के आधार पर समाज में परिवर्तन हो, इसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक को जागरूक कर व प्रशिक्षण देकर सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ग्राम विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में देशभर में ग्राम विकास से जुड़े कार्यों से 300 गांवों में पूर्ण परिवर्तन हुआ है और 1,000 गांवों में कार्य चल रहा है। जैविक कृषि व गोसंवर्धन, समाज में सद्भाव जागृत करने के लिए समरसता का कार्य, कुटुंब प्रबोधन का कार्य स्वयंसेवक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों के दौरान सरसंघचालक जी ने 100 प्रतिशत मतदान का आह्वान किया था। मतदान प्रतिशत बढ़ाने और राष्ट्रीय विषयों के आधार पर मतदान के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिए संघ के स्वयंसेवक भी जनजागरण अभियान में लगे थे। स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क किया। देशभर में 5.5 लाख गांवों में से 4.5 लाख गांवों में स्वयंसेवकों ने संपर्क किया। संघ की रचना के अनुसार 56 हजार मंडलों में से 50 हजार मंडलों तक संघ के स्वयंसेवक पहुंचे। जनजागरण अभियान में 11 लाख स्वयंसेवक एवं समाज के बंधु-भगिनी जुटे। इनमें एक लाख महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि समाज में संघ का स्वागत व समर्थन बढ़ रहा है। संघ से जुड़ने, संघ के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ी है। सात दिन के प्राथमिक शिक्षण में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक लोग प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसी प्रकार वेबसाइट पर 'ज्वाइन आरएसएस' के तहत मिलने वाले निवेदन में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 में पहले छह माह में 39760 निवेदन प्राप्त हुए। 2016 में इसी कालावधि में 47200। 2018 में 56892 तथा 2019 में 66835 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई है। इनमेंं अधिकांश 40 वर्ष तक की आयु के लोग हैं। संघ ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी गतिविधि शुरू की है और इसके लिए शिक्षा वर्गों में अलग-अलग प्रयोग कर स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जल की बचत व विभिन्न माध्यमों से जल संरक्षण का प्रशिक्षण स्वयंसेवकों को दिया गया। इसी तरह जागरण पत्रिकाओं के माध्यम से 1,75,000 गांवों में राष्ट्रीय विचार को पहुंचाने का कार्य चल रहा है। इस वर्ष प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में 12,432 प्रतिभागी शामिल रहे, लगभग 80 स्थानों पर आयोजित संघ शिक्षा वर्गों में 17,500 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।