'जय श्रीराम' बोलने पर भाजपा कार्यकर्ता को मार डाला
   दिनांक 07-जुलाई-2019

ममता राज में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर लगातार जारी है। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है। राज्य के नादिया जिले में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने 'जय श्री राम' का नारा लगाया था। युवक की पहचान 24 साल के कृष्णा देबनाथ के रूप में हुई है जिसे नारे लगाने की वजह से एक समूह द्वारा निशाना बनाया गया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। मामला नादिया जिले में नबाद्वीप के स्वरूपनगर इलाके का है।भाजपा ने इस हत्या के पीछे सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का हाथ बताया है।
हत्या के बाद भाजपा समर्थकों ने नबाद्वीप में सड़क जाम कर दी और एक घंटे तक कृष्णा के शव को लेकर सड़क पर बैठे रहे। भाजपा समर्थकों की मांग थी कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कृष्णा देबनाथ की मौत पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, 'एक युवा जिसका नाम कृष्णा देबनाथ था उसकी तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने हत्या कर दी क्योंकि वह जय श्रीराम के नारे लगा रहा था। ममता बनर्जी की खूनी राजनीति का जल्द ही अंत होगा। भगवान कृष्णा के परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।'
 
 
भाजपा का पुलिस पर आरोप
नबाद्वीप में भाजपा के एक स्थानीय कार्यकर्ता ने समाचार एजेंसी आईएनएस से बात करते हुए कहा, 'देबनाथ को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय गुंडों द्वारा पीटा गया क्योंकि वह भगवान राम के नारे लगा रहा था। टीएमसी, भाजपा के हमारे कार्यकर्ताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार कर रही है। हमने सुबह से सड़क जाम की थी क्योंकि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।'
अमृत्य सेन ने दिया था ये बयान
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, टीएमसी के कार्यकर्ता जय श्री राम कहने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं और राज्य पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को जेल में डाल रही है। इससे पहले जय श्री राम के नारे को लेकर प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस नारे का बंगाली संस्कृति से कोई संबंध नहीं है। सेन ने कहा था कि बंगाल में अब इस नारे का प्रयोग लोगों को पीटने के लिए किया जा रहा है।