‘‘देशभक्ति से ओत-प्रोत साहित्य की जरूरत’’
   दिनांक 09-जुलाई-2019
 
पुस्तक का विमोचन करते (बाएं से)सर्वश्री रामशरण गौड़, विजय गोयल, कमल किशोर गोयनका एवं जीत सिंह जीत
गत 29 जून को दिल्ली स्थित दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी, चांदनी चौक के सभागार में इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती की ओर से जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष पूर्ण होने पर श्री जीत सिंह ‘जीत’ की पुस्तक ‘बलिदानों की बेला है’ का लोकार्पण भाजपा के राज्यसभा सांसद श्री विजय गोयल ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग हमें सदैव प्रेरणा और सीख देता रहेगा। इस मौके पर उन्होंने बलिदानियों को श्रद्धांजलि भी दी।
कार्यक्रम में उपस्थित दिल्ली के पूर्व महापौर श्री महेश चंद्र शर्मा ने पुस्तक की प्रशंसा की और लेखक को धन्यवाद ज्ञापित किया। दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामशरण गौड़ ने कहा कि आज ऐसे साहित्य की आवश्यकता है जो देशवासियों को, विशेष रूप से युवकों को त्याग और बलिदान की भावना से भर दे।
कार्यक्रम में अध्यक्ष रूप में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कमल किशोर गोयनका ने कहा कि श्री जीत सिंह जीत लंबे समय से देशभक्ति से ओतप्रोत कविताएं लिख रहे हैं। उनकी कविताएं देश के नवयुवकों को प्रेरणा देती हैं।