योगी सरकार करेगी जनता से सीधा संवाद,शुरू हुई हेल्प लाइन
   दिनांक 09-जुलाई-2019
 
हेल्पलाइन की शुरुआत करते योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सत्ता संभालते ही सीधी हेल्प लाइन सेवा शुरू करने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री ने हेल्प लाइन 1076 शुरू कर दी है। इस हेल्प लाइन को सिर्फ अधिकारियों और कमर्चारियों के जिम्मे नहीं छोड़ा जाए इसीलिए योगी आदित्यनाथ ने यह निर्णय लिया कि इस हेल्प लाइन की समीक्षा वह स्वयं करेंगे. हेल्प लाइन की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों की समीक्षा भी शुरू कर दी है. शुरुआती दौर की समीक्षा में लापरवाह अधिकारियों को दण्डित किया गया है. अब मुख्यमंत्री की कार्रवाई से साफ़ हो गया है कि सरकार का संवाद सीधे जनता से होगा.      
इस हेल्प लाइन के माध्यम से जनता की सभी प्रकार की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा. किसी भी प्रकार की शिकायत फोन पर की जा सकेगी. इन सभी शिकायतों को दर्ज करने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी – लखनऊ- में इसका कॉल सेंटर स्थापित किया गया है. हेल्पलाइन के लिए 1300 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है. इस कॉल सेंटर में प्रत्येक शिफ्ट में करीब 500 कर्मचारी काम करेंगे. कॉल सेंटर में तीन शिफ्ट में काम होगा. इस काल सेंटर का भी उद्घाटन जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ करेंगे.
हेल्प लाइन का यह कॉल सेंटर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित किया गया है और संचालन भी इसी विभाग के द्वारा किया जाएगा. प्रशासन,पुलिस, नगर निगम एवं किसी बोर्ड या फिर किसी भी प्रकार की शिकायत इस हेल्प लाइन पर की जा सकती है. हेल्प लाइन का नंबर टोल फ्री है. शिकायत दर्ज करने के बाद उसे सम्बंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा. शिकायत के निस्तारण के लिए विभाग के सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारी को उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज भी दिया जाएगा. इस हेल्प लाइन के माध्यम से यह ध्यान रखा जाएगा कि हर हाल में शिकायत का निस्तारण हो और शिकायत कर्ता जब तक पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं हो जाएगा तब तक शिकायत को बंद नही किया जाएगा. हेल्प लाइन के काल सेंटर की तरफ से शिकायत के पूर्ण रूप से निस्तारित होने का सत्यापन किया जायेगा.
हेल्प लाइन के काल सेंटर में इस बात का इंतजाम किया गया है जिसमे शिकायतकर्ता को कारण सहित यह बताया जा सके कि कुछ ख़ास प्रकार की शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा सकेगा. स्थानातंरण संबंधी मामले एवं न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण को इस हेल्प लाइन पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
हर महीने के आख़िरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 100 मामले की समीक्षा करेंगे. उसमे अगर शिकायत कर्ता संतुष्ट नहीं पाया गया तो संबंधित कर्मचारी - अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री ने कहा है कि “ अधिकारियों की ए.सी.आर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) में एक कॉलम संतुष्टि का होता है, उस कालम में प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी. लापरवाही के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवशयक सेवानिवृति भी दी जाएगी.” इसके पहले से चल रही हेल्प लाइन डायल 100, 102,108 एवं 1090 को भी इससे जोड़ा जाएगा. एक दिन में 80 हजार फोन काल्स रिसीव की जा सकेंगी और 55 हजार फोन कॉल की जा सकेंगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि "राजस्व, नगर विकास,जल संसाधन, चिकित्सा, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा , ऊर्जा ,समाज कल्याण एवं कृषि आदि विभागों में शिकायतों का निस्तारण ठीक ढंग से नहीं से नहीं किया गया है. यह सभी विभाग शिकायत निस्तारण के मामले में फेल साबित हुए हैं.” मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की कार्य प्रणाली पर भी असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि “गाज़ियाबाद,मुरादाबाद,अलीगढ़,कानपुर,लखनऊ,प्रयागराज, कौशाम्बी,गोरखपुर,बहराइच एवं गोंडा आदि जनपदों में शिकायत निस्तारण की स्थिति बेहद खराब है.”