हिंदू युवक को मुसलमानों ने पीट—पीटकर मारा, न्याय नहीं मिला तो पिता ने की खुदकुशी
   दिनांक 16-अगस्त-2019
राघवेन्द्र सिंह
मुसलमानों की भीड़ ने हरीश की पीट—पीटकर हत्या कर दी थी। उसके अंधे पिता रत्तीराम पुलिस के चक्कर काटते रहे। पुलिस मामले को मॉब लिंचिंग न मानकर दुर्घटना बताती रही। थकहारकर बेटे के लिए न्याय मांगते थक चुके रत्तीराम ने आत्महत्या कर ली
 
 
बेटे की हत्या के बाद न्याय न मिलने पर खुदकुशी करने वाले नेत्रहीन रतिराम
 राजस्थान के अलवर जिले में पिछले महीने मुसलमानों की भीड़ ने हरीश जाटव नाम के युवक की पीट—पीटकर हत्या कर दी थी। उसके पिता रत्तीराम को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता। बावजूद इसके वह बेटे के हत्यारों को न्याय दिलाने के लिए लगातार पुलिस के पास चक्कर काट रहे थे लेकिन राजस्थान की कांग्रेस सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। आरोप है कि पुलिस पुलिस मामले को मॉब लिंचिंग न मानकर हरीश की मौत को सड़क दुर्घटना बताकर आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही थी। जब रत्तीराम को न्याय की उम्मीद नहीं दिखाई तो उन्होंने जहर खाकर अपनी जान दे दी।
जानकारी के अनुसार 16 जुलाई को झिवाना गांव निवासी हरीश मोटरसाइकिल से कहीं जा रहा रहा था। रास्ते में उसकी मोटरसाइकिल की एक महिला से टक्कर हो गई। थोड़ी—बहुत कहासुनी होने के चलते वहां मुसलमानों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने हरीश को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। भीड़ ने उसे मार—मारकर अधमरा कर दिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 18 जुलाई की रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। हरीश के मौत के बाद उसके पिता रत्तीराम अपने बेटे के हत्यारों को न्याया दिलाने के लिए पुलिस —प्रशासन के चक्कर काट रहे थे। उनका कहना था कि उनके बेटे को निर्ममता से पीट—पीटकर मारा गया है। जबकि पुलिस मामले को मॉब लिंचिंग न बताकर सड़क दुर्घटना बनाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही थी। सुनवाई न होने से आहत हरीश जाटव के पिता रत्तीराम ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। रत्तीराम जाटव ने मरने से पहले पुलिस पर मामले में ठीक से जांच न करने समेत कई आरोप लगाए हैं।