सालभर के दौरान गोतस्करों ने 20 से ज्यादा लोगों को मार डाला
   दिनांक 02-अगस्त-2019
हरियाणा के पलवल में गोरक्षक गोपाल की निर्ममता से हत्या कर दी गई। अखलाक की मौत पर अभियान चलाने वाला सारा मीडिया इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, चैनलों में इस विषय पर डिस्कशन नहीं हो रहे हैं, कहीं कोई आवाज नहीं हैं क्योंकि जो मारा गया वह हिंदू है। युवा किसान गोपाल की तीन मासूम बेटियां हैं, कैसे उसका परिवार चलेगा ? कैसे बच्चियों की पढ़ाई होगी ? किसी को फिक्र नहीं है  कोई सुध लेने वाला नहीं है । हां यदि घटना में मारा गया युवक मुस्लिम होता तो सेकुलर मीडिया इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श का विषय बना चुका होता

गोस्तकरों की गोली का शिकार हुआ युवा किसान गोपाल अपनी मासूम बेटियों के साथ
 पिछले एक साल में गोतस्करी करने वाले अपराधियों के हाथों कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है। मारे गए लोगों में किसान, पुलिसकर्मी और साधु शामिल हैं। ये मौतें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हुई हैं। निर्दोष लोगों की इन मौतों के पीछे ‘बीफ माफिया’ है। इन मौतों पर सोशल मीडिया या मुख्य धारा मीडिया में कहीं कोई चर्चा नहीं है और कथित सेकुलर मीडिया को तो इन खबरों से कोई मतलब ही नहीं है।
लगभग 10 दिन पहले हरियाणा में एक किसान नरेश को अज्ञात पशु तस्करों ने बेरहमी से मार डाला था। कुल्हाड़ी से काटकर किसान की हत्या के बाद चोर तीन भैंस लेकर फरार हो गए। और अब, पशु चोरों ने हरियाणा में ही गोपाल नाम के एक युवक की हत्या कर दी है। वह चोरी के मवेशी ले जा रहे वाहन को रोकने की कोशिश कर रहा था।
नरेश और गोपाल ‘बीफ माफिया’ द्वारा मारे गए लोगों की लंबी और लगातार बढ़ रही सूची में सिर्फ दो नाम हैं। समाचार पत्रों की रिपोर्टों से पता चलता है कि ऐसे हत्यारों के हाथों कम से कम 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई है --- कुछ की जान अपने मवेशियों की चोरी का विरोध करते हुए गई तो दूसरे लोग पशुओं के अवैध कटान से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पुलिस को सूचना देने के लिए या फिर भी गोतस्करों के वाहनों को रोकने के प्रयास में मारे गए। अवैध बीफ उद्योग की वजह से होने वाली इन मौतों की कोई परवाह भी नहीं करता।
1.जुलाई 2019: मवेशी चोरों ने गोपाल को गोली मारी
हरियाणा के पलवल जिले में बीती 29 जुलाई को गोपाल नाम के एक युवा किसान की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, गोपाल तस्करी करके ले जाई जा रहे गायों के एक वाहन को रोकने की कोशिश कर रहा था, तब चोरों ने उस पर गोली चला दी। बताया गया है कि यह घटना शाम करीब 7.30 बजे की बताई गई है।
2. जुलाई 2019: मवेशी चोरों के हाथों खेत पर किसान की हत्या हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला गांव में बीती 21 जुलाई 2019 को आधी रात के बाद किसी समय किसान नरेश सैनी की उसके खेत में ही काटकर हत्या कर दी गई। सैनी की दो भैंसें और एक बछड़ा गायब थे, जिससे हत्या का शक मवेशी चोरों पर है।
बरवाला से कुल 10 किलोमीटर दूर साहू गांव में इंद्रपाल बिश्नोई नामक एक अन्य किसान को एक साल पहले पशु चोरों ने गोली मार दी थी। फरमान, फैजान, एहसान, अफजल और उस्मान नाम के पांच लोगों पर बिश्नोई की हत्या का मुकदमा चल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी तड़के 3 बजे के आसपास मवेशियों को काटने ले जा रहे थे, जब बिश्नोई ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की थी।
3.जुलाई 2019: मध्य प्रदेश में किसान की खेत पर हत्या
पशु चोरी का विरोध करने पर मध्य प्रदेश के डबरा कस्बे में एक किसान देवीलाल बाथम (53) की रात में उसके खेत पर हत्या कर दी गई। बताया गया कि चोरों ने किसानी के अलावा सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले बाथम के मुंह में रेत भर दी और उस पर कुल्हाड़ी से उस पर हमला किया। हत्यारे चोर बाथम की भैंसें लेकर फरार हो गए थे। बाद में, पुलिस ने इस सिलसिले में छह लोगों --- मोनू खान, अमजद खान, इश्तियाक, मुनब्बर खान, वाहिद और अन्य को गिरफ्तार किया।
4.जनवरी 2019: पूर्वसैनिक किसान की घर में हत्या
बिहार के बख्तियारपुर जिले के घनश्यामपुर इलाके में मवेशी चोरों ने पूर्व-सैनिक नवल सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी। बताया जाता है कि किसान के घर में चोर रात के करीब 2.30 बजे घुसे। इलाके में पहले ही लगभग आधा दर्जन मवेशियों को चोरी की घटनाओं से सतर्क किसान ने अपनी भैंस चुराने आए चोरों का सामना किया और एक चोर को पकड़ने में कामयाब भी हो गए थे। ऐसा होने पर पकड़े गए चोर के साथियों ने किसान नवल सिंह को गोली मार दी। सिंह के भतीजे, चंदन, को भी गंभीर चोटें लगी हैं।
5.जनवरी 2019: गोतस्करों के ट्रक से कुचले गए एक परिवार के सात लोग
तस्करी कर लाई गई गायों से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर चंदौली जिले के मालदह गांव की एक झोंपड़ी में घुस गया, जिससे उसमें रह रहे परिवार के सात सदस्यों; रामकिशन, सुहागिन, गोलू, निशा, मोनी, मोलू और सामा देवी की मौत हो गई। केवल एक सदस्य कल्लू राम इस भीषण दुर्घटना से बच गया, क्योंकि वह अन्यत्र सो रहा था। जानकारी के अनुसार ट्रक बिहार की ओर जा रहा था। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन को वहीं छोड़ कर भागने में सफल रहा। घटनास्थल पर छूटे वाहन में अमानवीय तरीके से गायों को भरा हुआ था।
6. जनवरी 2019: तस्करों ने पुलिसकर्मी को रौंदा
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में 12 बैल ले जा रहे एक ट्रक ने उसे रोकने की कोशिश करने वाले सिपाही को रौंद कर मार डाला। जानकारी के अनुसार सिपाही प्रकाश मेश्राम ने गाड़ी रोकने के लिए इशारा किया तो तस्करों ने ट्रक की रफ्तार बढ़ाते हुए उसके ऊपर चढ़ा दिया जिससे मेश्राम की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक में सवार दो लोगों --- इम्तियाज अहमद फैयाज अहमद और मोहम्मद रजा अब्दुल जब्बार कुरैशी --- को गिरफ्तार किया गया जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे।
8.सितंबर 2018: गोतस्करों ने पुलिसकर्मी को कुचल कर मार डाला
उत्तर प्रदेश में बरेली के फतेहगंज वेस्ट टोल प्लाजा के पास पशु तस्करों को पकड़ने की कोशिश करते समय पशु तस्करों की गाड़ी से कुचल कर एक सिपाही की मौत हो गई। सिपाही, संजीव गुर्जर, को सूचना मिली थी कि रामपुर रोड से गोस्तकर निकल रहे हैं।
सूचनाओं के अनुसार, पुलिसकर्मी ने जब एक संदिग्ध वाहन देखा तो उसने अपना वाहन आगे निकाल कर पशु तस्करों के वाहन को रुकने का इशारा किया। पशु तस्कर रुके नहीं और वाहन रोकने की बजाए पुलिसकर्मी की तरफ मोड़ दिया। इस वाहन से कुचल कर पुलिसकर्मी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इसी इलाके में 2015 में एक अन्य पुलिसकर्मी, मनोज मिश्रा, की भी गोस्तस्करों ने के हाथों मौत हुई थी। मिश्रा की हत्या के सिलसिले में जफ़रुद्दीन नामक गोस्तकर को गिरफ्तार किया गया था।
9.अगस्त 2018: पुलिस को सूचना देने पर तीन साधुओं की हत्या

 
(बाएं) गोस्तकरों द्वारा मारे गए साधु(दाएं) मंदिर का प्रवेश द्वार
 
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के कुदरकोट गांव के प्राचीन शिव मंदिर में रहने वाले तीन साधुओं को बीती 15 अगस्त, 2018 को मृत पाया गया। खून से नहाए मृतक साधुओं के हाथ और पैर उनके तख्त से बंधे थे और उनकी गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार के कई घाव पाए गए थे। इन हत्याओं के संबंध में पुलिस ने नजदीकी कसाई मोहल्ला के पांच लोगों --- सलमान, नदीम, शहजाद, नाज़िम और जब्बार - को गिरफ्तार किया। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वे बर्बर हत्याएं साधुओं से बदला लेने के लिए की थीं क्योंकि उन्होंने पुलिस को उनकी अवैध गो-तस्करी और कटान से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पुलिस को सूचना दी थी।
10.अगस्त 2018: पुलिसकर्मियों को गोस्तकरों के वाहन ने कुचला
त्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, पशु चोरों ने कथित रूप से दो सिपाहियों को कुचल कर मार डाला। मिली जानकारी के अनुसार सिपाहियों में से एक, विपिन कुमार, ने मवेशियों से भरे एक वाहन को रुकने का इशारा किया था। जब वे नहीं रुके, तो उसने और सुमेर नामक एक अन्य पुलिसकर्मी ने मोटरसाइकिल पर उनका पीछा किया।
पुलिसकर्मियों को पीछा करते देख तस्करों ने पहले तो अपने वाहन की गति कम कर दी और जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें ओवरटेक कर लिया तो उन्होंने गति बढ़ाते हुए दोनों सिपाहियों को कुचल कर मार डाला। पुलिस ने ट्रक ड्राइवरों, जीशान और मुमताज को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है।
11.जनवरी 2018: गोस्तकरों की गोली से घायल युवक की मौत
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघैती गांव में गोस्तकरों ने गजराज नामक किसान के घर में लगभग आधी रात को घुस कर पशु चुराने का प्रयास किया। चोरों के घुसने पर किसान के पुत्र, जोगेंद्र और सर्वेश, जाग गए और उन्होंने चोरों को रोकने का प्रयास किया लेकिन चोरों ने दोनों भाइयों पर गोली चला दी और वहां से भाग गए। गोली से जख्मी हुए स्नातक कक्षा के छात्र जोगेंद्र ने बाद में दम तोड़ दिया।
पिछले एक साल में कम से कम 20 जिंदगियां ‘बीफ माफिया’ का शिकार बन चुकी हैं। कुछ मामलों में अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन कई अन्य में अभी भी जांच चल रही है।