''अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हो हमारी सेना''
   दिनांक 20-अगस्त-2019


 

विशेषांक का लोकार्पण करते विशिष्ट अतिथि 

 
''जिस तरह अनुच्छेद 370 की खामी को दूर किया गया है, उसी तरह सैन्य प्रशासन की खामियों को भी शीघ्रता से दूर किया जाए।'' उक्त बात सेनि. ले.ज. सुमेर सिंह ने कही। वे पिछले दिनों जयपुर स्थित पाथेय-कण संस्थान द्वारा बांग्लादेश मुक्ति-संग्राम के नायक ले.ज. सगत सिंह की जन्मशताब्दी पर केंद्रित विशेषांक के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सैनिकों को बदलते युग और तकनीक के अनुसार अस्त्र-शस्त्र उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। भारतीय सेना की शक्ति का स्रोत भारत का आम नागरिक है, जिसका व्यवहार एक सैनिक और उसके परिवार के साथ जितना अच्छा होगा, एक जवान उतना ही निश्चिन्त होकर देश सेवा में रत रहेगा। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन में जो लक्ष्य दिए गए, उन्होंने तय समय पर हर लक्ष्य को हासिल किया। वे अपनी योग्यता और शिक्षा को लगातार बढ़ाते रहे। वे हर समय स्वयं को हर परिस्थिति के हिसाब से तैयार रखते थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ले.ज. सगत सिंह के पुत्र कर्नल रणविजय सिंह ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम, नाथूला दर्रा, गोवा मुक्ति के बारे में सगत सिंह जी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा में वीरों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बलिदानी ले. अमित भारद्वाज के पिता ओमप्रकाश शर्मा ने की।