अच्छे साहित्य से आएंगे समाज में अच्छे संस्कार
   दिनांक 20-अगस्त-2019
 

विशेषांक का लोकार्पण करते (बाएं से) प्रो. अरुण भगत,
श्री पद्म सिंह, अजय मित्तल एवं डॉ. विशेष गुप्ता
 
 
गत दिनों विश्व संवाद केन्द्र, मेरठ द्वारा प्रकाशित राष्ट्रदेव पत्रिका के विशेषांक 'आजाद हिन्द सरकार के 75 वर्ष' का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे रा.स्व.संघ के पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचार प्रमुख श्री पदम सिंह। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे संस्कार तभी उत्पन्न होंगे, जब अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन दुर्भाग्य से आज पढ़ने की आदत कम हो रही है। राष्ट्रदेव जैसे प्रकाशन उस आदत को पुन: समाज में लाने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी का यह कर्तव्य है कि इस अभियान में राष्ट्रदेव के सहायक बनें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. अरुण भगत ने नेताजी सुभाष के चिन्तन और कतृर्त्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित बाल सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं पत्रकार डॉ. विशेष गुप्ता ने कहा कि शब्दों का भी अपना संस्कार होता है। संस्कारयुक्त शब्दों का समाज में प्रचार होना चाहिए।

राष्ट्रदेव के सम्पादक श्री अजय मित्तल ने कहा कि 21 अक्तूबर, 1943 को सिंगापुर में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अस्थायी आजाद हिन्द सरकार की घोषणा की थी। उस समय जापान, जर्मनी, चीन, इटली, कोरिया, फिलीपींस आदि नौ देशों ने इसे मान्यता भी प्रदान कर दी थी। उस ऐतिहासिक क्षण में नेताजी ने भरे गले से यह शपथ ली थी कि वे रक्त की अंतिम बूंद तक भारत को आजाद कराने के लिए लड़ेंगे।

आजाद हिन्द सरकार तथा उसके पीछे की शक्ति आजाद हिन्द फौज के संबंध में राष्ट्रदेव के विशेषांक में 76 पृष्ठों में स्मरणीय तथा संग्रहणीय सामग्री संजोयी गई है। प्रबंध सम्पादक श्री सुरेन्द्र सिंह ने विशेषांक के सभी लेखकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मितेन्द्र गुप्ता ने किया। प्रतिनिधि

 



‘‘विश्वबंधुत्व का मूर्तिमान रूप थीं सुषमा जी’’


 
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करतीं प्रमिला ताई मेढ़े। मंच पर उपस्थित (बाएं से)
शांताक्का एवं आचार्य श्री जितेंद्रनाथ महाराज

गत दिनों नागपुर स्थित राष्ट्र सेविका समिति के कार्यालय देवी अहिल्या मंदिर में पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज की स्मृति में एक श्रद्धाञ्जलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से उपस्थित थीं राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांतक्का। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को अपेक्षित प्रिय भक्त के सभी गुण सुषमा जी में थे। स्व. सुषमा स्वराज जी विश्वबंधुत्व का मूर्तिमान रूप थीं। उन्होंने एकात्म मानवदर्शन को अपने आचरण में अपनाया।

कार्यक्रम में उपस्थित समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े ने उनका स्मरण करते हुए कहा कि वे भारत मां की सेवा के लिए अन्य रूप में फिर से जन्म लेंगी। कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित पूज्य आचार्य श्री जितेंद्रनाथ महाराज ने सुषमा जी के स्नेह, वात्सल्य, प्रतिभा तथा प्रयत्न की पराकाष्ठा के गुणों की प्रशंसा करते हुए उनके सेविका स्वरूप को नमन किया। इस मौके पर समिति के विविध प्रकल्पों के कार्यकर्ताओं ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रतिनिधि