समरसता बिगाड़ रहे कट्टरपंथी
   दिनांक 20-अगस्त-2019
राघवेंद्र सिंह
राजस्थान में मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं को निशाना बनाया जा रहा है। कभी कांवडि़यों पर हमले किए जाते हैं तो कभी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की खुशी मना रहे हिंदुओं को गोली मार दी जाती है

 
शांत प्रदेश के तौर पर अपनी पहचान रखने वाले राजस्थान में अब कांग्रेस सरकार बनने के बाद मजहबी उन्मादी आए दिन सिर उठा रहे हैं। अगस्त माह में ही राज्य के कई स्थानों पर कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं और हिन्दू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। हाड़ौती के नाम से प्रसिद्ध कोटा संभाग के बूंदी जिले में संघ की बाल शाखा में स्वयंसेवकों पर हमले के बाद अब झालावाड़ में मुस्लिम जिहादियों ने एक युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। दूसरी ओर, कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में रा.स्व.संघ के जिला पदाधिकारी को मुसलमानों ने बेरहमी से पीटा। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, जयपुर शहर में कांवडि़यों पर पथराव किया गया। पुलिस की निष्क्रियता और नकारात्मक रवैये के कारण कट्टरपंथियों के हौसले बढ़ रहे हैं। अब वे बेखौफ होकर हिन्दुओं पर हमले कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था। इसी दिन झालावाड़ जिले के पिड़ावा निवासी ऋषिराज जिंदल का जन्मदिन भी था। वह अपने कुछ दोस्तों के साथ जश्न मना रहा था। इसी दौरान पिड़ावा का ही इमरान कुछ दोस्तों के साथ आया और ऋषिराज से डीजे व आतिशबाजी बंद करने को कहा। फिर सभी को धमकाते हुए कहा कि 'यह कश्मीर नहीं, पिड़ावा है। यहां जश्न नहीं चलेगा।' इसके बाद सभी चले गए। लेकिन थोड़ी ही देर बाद इमरान आधा दर्जन युवकों के साथ दोबारा आया। सभी बाइक पर थे। मुस्लिम युवकों ने ऋषिराज और उसके दोस्तों को अपशब्द कहे, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो हाथापाई में बदल गई। इसके बाद इमरान और उसके दोस्तों ने विजय शर्मा को धक्का दे दिया। विजय जमीन पर गिर पड़ा। ऋषिराज ने विरोध किया तो इमरान ने पिस्तौल निकाल ली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इमरान ने कुलदीप व विजय शर्मा पर गोली चलाई, लेकिन उसका निशाना चूक गया। इसके बाद उसने ऋषिराज पर गोली चलाई, जो उसके बायीं ओर सीने में लगी। इसके बाद खालिद व अनवर ने कुलदीप एवं विजय शर्मा पर गोली चलाई, लेकिन दोनों बच गए। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। आनन-फानन में ऋषिराज को पिड़ावा सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ऋषिराज बजरंग दल सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़ा हुआ था। उसकी मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। हिन्दू संगठनों से जुड़े लोग भी आ गए और अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
दबाव के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 147, 149, 302, 307 के तहत मामला दर्ज किया। दो दिन बाद यानी 7 अगस्त की देर रात को मध्य प्रदेश के बड़ौद कस्बे से इमरान व उसके सहयोगी मोहसिन को गिरफ्तार किया। अगले दिन न्यायालय में पेशी के बाद दोनों को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इमरान कुछ समय पहले ही हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काटकर जेल से बाहर आया है।

संघ कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला
इसी तरह, कोटा जिले की रामगंजमंडी में 7 अगस्त की शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला स्तर के कार्यकर्ता संदीप गुप्ता पर आधा दर्जन मुस्लिम युवकों ने जानलेवा हमला किया। उन्हें बेरहमी से पीटा। झालावाड़ के जिला अस्पताल में आईसीयू में भर्ती संदीप की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है। ऋषिराज की तरह संदीप भी अनुच्छेद 370 हटाए जाने की खुशी मना रहे थे, जिससे कुछ असामाजिक तत्व नाराज थे। इस मामले में भी पुलिस का रवैया नकारात्मक रहा। बाद में क्षेत्र के विधायक मदन दिलावर ने समर्थकों के साथ थाने का घेराव किया। उनका कहना था कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना एक ऐतिहासिक फैसला है। इस पर पूरा देश जश्न मना रहा है, लेकिन रामगंजमंडी में कुछ असामाजिक तत्व सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं। ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। साथ ही, कहा कि अगर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। तब जाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। खबर लिखे जाने तक दो अन्य आरोपी फरार थे।
इधर, 11 अगस्त को जयपुर शहर के सुभाष चौक थाना क्षेत्र में मुस्लिम युवकों ने कांवडि़यों पर पथराव किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कांवडि़ए चार दरवाजा स्थित शिव मंदिर की छत पर झंडा लगा रहे थे जिसका मुसलमानों ने विरोध किया और कांवडि़यों पर पथराव शुरू कर दिया। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। आलम यह था कि हमलावरों ने पुलिस से लाठियां छीन कर कांवडि़यों को पीटा। इसमें आधा दर्जन कांवडि़ए घायल हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर है। बाद में आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात पर काबू पाया। सोशल मीडिया पर वायरल इस घटना के वीडियो में पुलिस साफ तौर पर मूकदर्शक बनी दिख रही है।
वहीं, टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में भी मुसलमानों ने एक पदयात्रा में बाधा डाली। इन दिनों डिग्गी कल्याणजी महाराज का लक्की मेला चल रहा है, जिसमें पूरे राज्य से पदयात्री पहुंचते हैं। टोडारायसिंह क्षेत्र के बद्रीपुरा गांव से पदयात्रा डिग्गी कल्याणजी जा रही थी। लाउडस्पीकर पर वंदेमातरम् बज रहा था। मुसलमानों द्वारा आपत्ति जताने पर पुलिस ने लाउडस्पीकर बंद करवाने के साथ उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों ने आकर मामले को संभाला। *
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