‘‘सकल घरेलू उत्पाद में महिलाओं के योगदान का मूल्यांकन जरूरी’’
   दिनांक 27-अगस्त-2019

कार्यक्रम को संबोधित करतीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण। मंच पर उपस्थित (बाएं से) श्रीमती निशा राणा एवं श्रीमती प्रीति गोयल
गत 19 अगस्त को नई दिल्ली स्थित कांस्ट्टीयूशन क्लब में राष्ट्र सेविका समिति, दिल्ली प्रांत की बौद्धिक शाखा मेधाविनी सिंधु सृजन के तत्वावधान में ‘बजट 2019-20: महिलाओं के सरोकार’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण उपस्थित थीं। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में महिलाओं के योगदान का उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता। इसलिए इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है। इसलिए राष्ट्र सेविका समिति एवं अन्य महिला संगठन इस विषय पर विचार करें और महिलाओं के योगदान को बेहतर तरीके से परिलक्षित करने के लिए किसी सूत्र की तलाश करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया था कि बजट ऐसा होना चाहिए जिसमें सबके लिए कुछ न कुछ हो और जिससे आमजन सहजता से जुड़ सकें। इस बार के बजट का मुख्य लक्ष्य था आमजन के रहन-सहन में सहजता। उन्होंने बजट में महिला संबंधी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इस बजट में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए कुछ न कुछ था। मुद्रा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ीं हालांकि ये सभी के लिए थीं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनीला सोवानी ने कहा कि सरकार जो योजना महिलाओं के लिए बनाती है, वो अंतत: पूरे परिवार के काम आती है, इसलिए आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में भी समग्रता से चिंतन होना चाहिए। आवश्यकता यह भी है कि आज कॉरपोरेट जगत महिलाओं को सिर्फ स्त्री-पुरुष समानता की दृष्टि से ही न देखे, उसे परिवार की धुरी के तौर पर संवेदनशील तरीके से देखे। इस मौके पर मेधाविनी सिंधु सृजन की संयोजिका निशा राणा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
ल्ल प्रतिनिधि
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संघ ने पहुंचाई राहत

 
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों के लिए भोजन का प्रबंध करतीं राष्ट्र सेविका समिति की बहनें
मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण महाराष्ट्र के 10 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसी विकट स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनकल्याण समिति के कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर राहत कार्य पहुंचाने का काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह श्री तुकाराम नाईक ने बताया कि समिति के माध्यम से सांगली जिले के मिरज, शिरोला और पलूस तालुका के लगभग 50,000 नागरिकों को अस्थायी आश्रय केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है। तीन स्थानों पर चल रहे केंद्रों में लगभग 300 पुरुष और महिला कार्यकर्ता सक्रिय हैं। हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए नागरिकों के लिए हर घंटे एनडीआरएफ और जवानों को 1000 भोजन के पैकेट प्रदान किए जा रहे हैं।
कार्यकर्ता इसी तरह सतारा एवं पाटन क्षेत्र के पीड़ितों को हर तरह की मदद देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर जिले में करवीर और शिरोला तालुका में 38,000 लोगों को अस्थायी आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा 22 केंद्रों में कुल 250 पुरुष और महिला कार्यकर्ता राहत कार्य में लगे हैं। दस प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में प्राथमिक उपचार, पेयजल के वितरण के साथ दवाओं और कपड़ों का वितरण भी जारी है। कोल्हापुर शहर और इचलकरंजी, वारणा कोडोली में बाढ़ में फंसे हुए लोगों को पानी से बाहर निकालने के बाद कोल्हापुर में 6 और इचलकरंजी में 4 बाढ़ प्रभावित केंद्रों का संपूर्ण पालकत्व लिया गया है। सारी व्यवस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनकल्याण समिति और राष्ट्र सेविका समिति द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण के बाद स्वास्थ्य की देखभाल, घरों की सफाई, कीटाणुनाशकों का छिड़काव, घरों की आवश्यक मरम्मत आदि के काम शुरू करने होंगे। समिति को वर्तमान में केवल वित्तीय सहायता की अपेक्षा है और इस मदद पर ‘80 जी’ के तहत छूट प्राप्त होगी। उन्होंने समाज से सहयोग का आह्वान किया। सहयोग राशि देने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति के नाम पर चेक दिया जा सकता है या 2000 रुपए तक की नकद राशि जमा कराई जा सकती है। निम्नलिखित बैंक विवरण पर
 
बैंक आॅफ महाराष्ट्र, तिलक रोड शाखा
बचत खाता क्रमांक-20057103852
IFSC-MAHB0000041
विसंके, पुणे
वीर गोगादेव के निशान का पूजन

 
 
भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन करते कार्यकर्ता
गत 17 अगस्त को इंदौर में डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में पूज्य वीर गोगादेव चौहान के निशान (छड़ी) के पूजन का आयोजन किया गया। सामाजिक समरसता के इस आयोजन में शहर के वाल्मीकि समाज द्वारा अलग-अलग हिस्सों से आई 8 छड़ियों का संघ के इंदौर विभाग के संघचालक श्री शैलेन्द्र महाजन, डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के अध्यक्ष श्री ईश्वरदास हिन्दुजा एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने पूजन किया। वक्ताओं ने कहा कि गोगादेव जी के राज्य में जात-पात का भेदभाव नहीं था। वे महान समाज सुधारक थे। प्रतिनिधि