स्वास्थ्य चर्चा सोने में गुण बहुत हैं......
   दिनांक 27-अगस्त-2019

 
 
‘स्वास्थ्य चर्चा’ में प्रति सप्ताह आहार, आरोग्य, जीवनशैली और योग के विशेषज्ञ बताएंगे कि आपका खान-पान कैसा हो, आप स्वस्थ कैसे रह सकते हैं, जीवनशैली कैसी होनी चाहिए और किस बीमारी में कौन-सा आसन करना चाहिए। इस स्तंभ की तीसरी कड़ी में नींद के बारे में बताया जा रहा है। अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद जरूरी है
डॉ. योगेश कुमार पांडेय
 
आज की जीवनशैली ऐसी हो गई है कि व्यक्ति अपने लिए ही समय नहीं निकाल पाता है। आखिर में एक समय ऐसा भी आता है कि व्यक्ति की नींद गायब होने लगती है। सामान्य नींद न लेने के कारण व्यक्ति को थकावट, घबराहट, भ्रम, तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जब कुछ दिनों तक यही स्थिति रहती है तो व्यक्ति मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग आदि का शिकार हो जाता है। इसलिए हमारी जीवनशैली ऐसी हो कि हम पूरी नींद ले सकें। अच्छी नींद शरीर की मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी है। वैज्ञानिक अध्ययनों के निष्कर्ष बताते हैं कि नींद अच्छी न हो तो भोजन के प्रति संतुष्टि का भाव उत्पन्न करने वाले ‘लेप्टिन’ नामक रसायन की मात्रा शरीर में कम होने लगती है और भूख बढ़ाने वाली ‘घ्रेलिन’ नामक रसायन की मात्रा बढ़ने लगती है। परिणामत: आप ज्यादा खाते हैं और मोटापा बढ़ाते जाते हैं और अनायास ही बीमारियों को आमंत्रित करने लगते हैं। नींद पूरी न हो तो आप थके-थके से रहते हैं। इस कारण स्वाभाविक रूप से व्यायाम के प्रति आप अनमने हो जाते हैं। बढ़ता वजन, घटता व्यायाम उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं मस्तिष्क आघात के लिए कारण बनते हैं।
नींद पूरी नहीं होने से एकाग्रता में कमी आने लगती है और धीरे-धीरे याद्दाश्त कमजोर पड़ने लगती है। नींद पूरी नहीं होने का असर कामेच्छा को प्रभावित करने वाले ‘टेस्टीस्टीरोन’ नामक हार्मोन पर भी पड़ता है। परिणामत: पौरुष शक्ति धीरे-धीरे क्षीण होने लगती है। सोने का उचित समय रात को है। दिन में सोना तन-मन के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता। सामान्यत: आठ घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है, परंतु आप कितनी देर सोते हैं उससे अधिक महत्वपूर्ण है आप कैसा सोते हैं। अगर सोकर उठने के बाद तरोताजा महसूस करते हैं और फिर पूरे दिन काम के दौरान कभी उनींदा-सा महसूस नहीं होता तो समझिए आपकी नींद अच्छी है।
अच्छी नींद के उपाय
अपने सोने एवं जागने का समय तय करें। यह कभी न भूलें कि अच्छी नींद जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है। इसके साथ समझौते का अर्थ है जीवन की जीवंतता के साथ समझौता। इसलिए दिन का एक तिहाई भाग नींद के लिए आरक्षित रखें। अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि शरीर थक गया हो और मन अपने विषयों से संतुष्ट हो गया हो। ऐसा तभी संभव है जब आपकी दिनचर्या योजनाबद्ध हो और उसके अनुसार आज के सारे कार्य संपन्न कर चुके हों और अगले दिन की व्यावहारिक योजना बना चुके हों।
यथासंभव सोने का स्थान एवं वातावरण नियत रखें और शयन कक्ष का प्रयोग बस सोने के लिए करें। इस कक्ष में मनपसंद संगीत बजा सकते हैं, सुगंध बिखेर सकते हैं। पर इलेक्ट्रानिक उपकरण, जैसे मोबाइल, टी.वी., लैपटॉप, कम्प्यूटर आदि बिल्कुल न रखें। कक्ष का तापमान 18 से 24 डिग्री से. के बीच रखें। सोने से पहले मौसम के अनुसार गर्म अथवा ठंडे पानी से स्नान करें। रात में सुपाच्य भोजन करें, लेकिन अधिक खाने से बचें। सोने से पहले चाय, तंबाकू, कॉफी एवं एवं अन्य उत्तेजक पेय न लें। सोने से पहले पढ़ने एवं ध्यान का अभ्यास डालें। सोते समय आरामदायक ढीले वस्त्र ही पहनें। अपने सोने और जागने के समय का आंकड़ा रखें और कभी नींद न पूरी हो पाए तो यथाशीघ्र ठीक से पूरी कर लें।
(लेखक चौधरी ब्रह्मप्रकाश चरक आयुर्वेद संस्थान, डाबर खेड़ा, नई दिल्ली में काय चिकित्सा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं)