''गाय हमारी सृष्टि का आधार है''
   दिनांक 16-सितंबर-2019
 
गो सेवा संगम को संबोधित करते श्री अजित महापात्र एवं मंच पर आसीन विशिष्टजन
 
गत दिनों मुजफ्फरनगर स्थित शामली के वृंदावन गार्डन में गो सेवा संगम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह गो सेवा प्रमुख श्री अजित महापात्र। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गाय हमारी सृष्टि का आधार है। लेकिन विदेशी कुचक्र के कारण ही हम अपनी संस्कृति को भूलकर गो-संवर्द्धन एवं खेती में गाय के गोबर व गोमूत्र के उपयोग से दूर होते जा रहे हैं। यदि इसे नहीं रोका गया तो भारतीय संरचना बिगड़ जाएगी।
 
उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें अपने लाभ और कुचक्र के लिए भारत की भूमि, पर्यावरण एवं प्रकृति को विषैला बनाने पर तुली हुई हैं। इसी कुचक्र के कारण देश की उर्वरक भूमि पर यूरिया, हानिकारक रासायनिक तत्व डालकर खेती की जा रही है। इससे हमें विषैला अन्न और भोजन मिल रहा है और गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए गो संवर्द्धन और खेती में गाय का गोबर और गोमूत्र का प्रयोग बढ़ाना जरूरी है।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महर्षि पतंजलि अन्तरराष्ट्रीय योग विद्यापीठ के स्वामी श्री कर्मवीर महाराज ने कहा कि चिकित्सक भी जिन गंभीर बीमार मरीजों को जवाब दे देते हैं, उन्हें भी गोमूत्र की सहायता से बचाया जा सका है। गाय का जीवन में मां से अधिक महत्त्व है। मां एक बार दूध पिलाती है, लेकिन गाय हमें जीवन-पर्यन्त दूध पिलाती रहती है। विदेशी नस्ल की गाय के दूध में वे गुण नहीं हैं जो देशी नस्ल की हमारी गायों के दूध में होते हैं। यह दूध अमृत के समान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता गौड़ीय मठ के स्वामी श्री भक्तिभूषण गोविन्द महाराज ने की। -प्रतिनिधि