''जनजातीय क्षेत्रों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास करेगा संघ''
   दिनांक 16-सितंबर-2019
 
 
 बैठक के मंच पर विराजमान हैं (बाएं से) सर्वश्री मोहनराव भागवत एवं भैयाजी जोशी
 
 
गत 7-9 सितंबर तक पुष्कर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की त्रिदिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं समाज जीवन में भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले 36 से अधिक संगठनों के अखिल भारतीय स्तर के लगभग 196 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक के अंतिम दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि समन्वय बैठक में न ही कोई प्रस्ताव पारित होता है और न ही यह कोई निर्णय लेने का मंच है। सभी संगठन स्वतंत्र एवं स्वायत्त हैं। बैठक का हेतु जानकारियों एवं अनुभवों का आदान-प्रदान, एक दूसरे के प्रयोगों-उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त करना है। गत वर्ष बैठक में सभी संगठनों ने 'पेड़ लगाओ-जल बचाओ-प्लास्टिक का उपयोग कम करें' का लक्ष्य लेकर काम करना प्रारंभ किया है तथा समाज जीवन में आ रहे सांस्कृतिक क्षरण को रोकने के लिए भी प्रयास प्रारंभ किए हैं। इन सभी विषयों पर सबने अपने-अपने संगठनों में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। श्री होसबाले ने कहा कि आगामी समय में मध्यवर्ती क्षेत्र के जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विकास और संवैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन सुनिश्चित करने वाले विषयों को लेकर विशेष प्रयास किए जाएंगे।
 
 
 
 बैठक के समापन के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित करते श्री दत्तात्रेय होसबाले (मध्य में)। 
साथ में हैं (बाएं से) श्री अरुण कुमार एवं श्री नरेंद्र ठाकुर 
 
 
सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, विकास, रोजगार के लिए सरकार के साथ समाज का भी दायित्व है, इस भाव को लेकर समाज जागरण, प्रबोधन के कार्यक्रम सभी संगठन लेंगे। उन सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी संगठनों द्वारा राष्ट्रभाव जागरण के साथ वहां का समाज सुखी, स्वावलंबी हो, ऐसा प्रयास किया जाएगा। साथ ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के हटने पर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इस फैसले से समूचे देश में खुशी की लहर है। अब इस क्षेत्र में विकास की जरूरत है। संघ सहित सभी संगठन बीते कई साल से एक राष्ट्र, एक संविधान, एक निशान की मांग करते रहे हैं। कश्मीर और लद्दाख में संघ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों ने वहां राष्ट्रभाव को मजबूत किया है। -प्रतिनिधि