जन्माष्टमी पर बालगोकुलम् ने निकाली शोभायात्रा
   दिनांक 02-सितंबर-2019
 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मोहनराव भागवत। मंच पर उपस्थित अन्य विशिष्टजन
 
गत दिनों जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में केरल के कोझीकोड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने शोभायात्रा का उद्घाटन किया। बालगोकुलम् की ओर आयोजित कार्यक्रम में 3,000 से अधिक लघु शोभायात्राएं निकाली गर्इं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भागवत ने कहा कि संघ के कार्यकर्ता समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ने का निरंतर प्रयत्न करें।
गोरखपुर में संघ का रक्षाबंधन उत्सव
 
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ता एवं मातृशक्ति
 
गत दिनों गोरखपुर स्थित सरस्वती शिशु मन्दिर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रक्षाबंधन उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री सुभाष। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर्व का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। यह हमारे सभी पर्वों में सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसका धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस दिन हम सभी जन राष्ट्र, समाज, पर्यावरण, संस्कृति, धर्म आदि की रक्षा का संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन पर्व में दूसरों की रक्षा के धर्म-भाव को विशेष महत्व दिया गया है। भारतीय परंपरा का यह ऐसा पर्व है, जो भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ हर सामाजिक संबंध को मजबूत करता है। इसलिए यह भाई-बहन को आपस में जोड़ने के साथ-साथ सांंस्कृतिक, सामाजिक महत्व भी रखता है। कार्यक्रम में उपस्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री श्रीनिवास ने कहा कि भारत की संस्कृति सर्वसमावेशी है। दूसरों की रक्षा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं होता। जो दूसरों के बारे में सोचते हैं, उनका कार्य स्वयं भगवान करते हैं। संघ में व्यक्ति का चरित्र निर्माण किया जाता है, इससे ही राष्ट्र का निर्माण होता है। संघ की विचारधारा ने निश्चित रूप से देश में एक वैचारिक क्रान्ति पैदा की है।