इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती का प्रदेश अधिवेशन संपन्न
   दिनांक 02-सितंबर-2019

  

अधिवेशन में विचार व्यक्त करते श्री शंभूनाथ श्रीवास्तव।
 
पिछले दिनों गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सहयोग से राजघाट, नई दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ साहित्य भारती का प्रदेश अधिवेशन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व छत्तीसगढ़ के लोकायुक्त न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव।
अधिवेशन के विषय ‘हमारी साहित्य परंपरा’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य की चेतना में संपूर्ण सृष्टि के कल्याण की कामना है। साहित्य में समाज को प्रेरणा देने की शक्ति है। हमारे संतों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्र को जोड़ने का काम किया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री श्री ऋषि कुमार मिश्र ने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि समाज के हर क्षेत्र में फैले प्रदूषण से साहित्य भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारतीय इतिहास के तेजस्वी नायकों का चरित्र-चित्रण किया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के नाते केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक डॉ. नंदकिशोर पांडेय ने कहा कि साहित्य जीवन को सुखमय बनाता है।