‘हर बात में अच्छी बात देखने की आदत बनाएं’
   दिनांक 23-सितंबर-2019
  
 
दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते डॉ. कृष्णगोपाल
 
 
गत 17 सितंबर को नई दिल्ली में राष्टÑीय संग्रहालय के सभागार में श्री के.एस. सुदर्शन स्मृति व्याख्यान आयोजित हुआ। इसका विषय था ‘गांधीजी और स्वास्थ्य।’ इस अवसर पर राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में स्वास्थ्य के तीन आयाम माने गए हैं-शरीर, मन और बुद्धि। इनको ठीक रखने के लिए गांधीजी ने कई आदर्श प्रस्तुत किए हैं। वे उपवास करते थे। घंटों पैदल चला करते थे और भोजन कम किया करते थे। कम भोजन करने के पीछे उनके दो उद्देश्य थे-एक, स्वास्थ्य ठीक रखना और दूसरा, लोगों को यह संदेश देना कि इस अभावग्रस्त देश में कम से कम भोजन करके जीवित रहना है। कम खाने से सभी लोगों को खाना मिल सकता है। गांधीजी का घरेलू औषधियों पर बहुत भरोसा था। दुबली-पतली काया में गांधीजी एक दमदार व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि दूसरों की सेवा करने में जो आनंद मिलता है उससे आध्यात्मिक स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति को सकारात्मक रहना चाहिए। यह सीख भी गांधीजी के जीवन से हमें मिलती है।
उन्होंने कहा कि हर बात में अच्छी बात देख लेने से मानसिक स्वास्थ्य मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जयंत सहस्रबुद्धे ने की। कार्यक्रम को श्री बलराम भार्गव, श्री ओंकार राय और श्री शेखर मांडे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान भारती और राष्टÑीय संग्रहालय ने संयुक्त रूप से किया था। प्रतिनिधि