‘‘शिक्षा में सेवाभाव और देशप्रेम का समावेश आवश्यक’’
   दिनांक 23-सितंबर-2019
 

साधारण सभा में मंच पर उपस्थित विशिष्टजन
 
 
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय मंत्री श्री ब्रह्माजी राव ने कहा कि सार्थक जीवन जीने के लिए शिक्षा और धन के अलावा कृतज्ञता, सेवा का भाव और देशप्रेम अति आवश्यक है। 
 
पिछले दिनों पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति की साधारण सभा की बैठक गुवाहाटी के असम प्रकाशन भारती कार्यालय के सभागृह में सम्पन्न हुई। समिति के अध्यक्ष श्री सदादत्त ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सभा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय मंत्री श्री ब्रह्माजी राव ने कहा कि सार्थक जीवन जीने के लिए शिक्षा और धन के अलावा कृतज्ञता, सेवा का भाव और देशप्रेम अति आवश्यक है।
 
शिक्षा को देश एवं विश्व कल्याण के साथ जोड़ने से ही देश तथा समाज का सर्वांगीण विकास संभव होगा। जनजाति शिक्षा समिति, पूर्वोत्तर क्षेत्र के दुर्गम से दुर्गम क्षेत्र में ज्ञान का प्रकाश फैला रही है। वर्तमान में 87 विद्यालय और 600 एकल विद्यालय चल रहे हैं। इसका आधार कार्यकर्ता एवं समाज है। अगर कार्यकर्ता समर्पित और सेवाभाव से कार्य करेंगे और समाज के बंधु ज्यादा से ज्यादा सहयोग करेंगे तो कार्य का विस्तार तेजी से होगा। इस अवसर पर अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। प्रतिनिधि
 
संकट के साथी स्वयंसेवक
 
राहतकार्य में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करते स्वयंसेवक
 
 
गत दिनों राजस्थान में कोटा बैराज का पानी छोड़ने से नयापुरा की निचली बस्तियों में पानी भर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने और उन तक राहत पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भरपूर सहयोग किया। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बाढ़ में फंसे लोगों तक जरूरत की हर चीज पहुंचाई। प्रतिनिधि