‘‘गिलगित-बाल्टिस्तान के बिना जम्मू-कश्मीर अधूरा’’
   दिनांक 27-सितंबर-2019
 
संगोष्ठी में विचार रखते श्री शक्ति सिन्हा
 
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पूरे देश में पाकिस्तान अधिक्रांत कश्मीर को वापस लेने की चर्चा शुरू हो गई है। पाकिस्तान अधिक्रांत कश्मीर का गिलगित-बाल्टिस्तान इलाका चर्चा में बना हुआ है। गिलगित-बाल्टिस्तान पर अफवाहों को दूर करने और इसके इतिहास से लोगों को रू-ब-रू कराने के लिए पिछले दिनों पटना स्थित बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हॉल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व आईएएस अधिकारी और नेहरू मेमोरियल म्यूजियम लाइब्रेरी, नई दिल्ली के निदेशक श्री शक्ति सिन्हा उपस्थित थे। संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान अविभाजित डोगरा राज्य का 40 फीसद हिस्सा था। इसे अंग्रेजों ने 1935 में जम्मू-कश्मीर के राजा से 60 साल के लिए पट्टे पर लिया था, क्योंकि उन्हें डर था कि पूर्ववर्ती सोवियत संघ कहीं इस पर कब्जा न कर ले। पाकिस्तान का गिलगित-बाल्टिस्तान पर पिछले 70 वर्ष से अवैध कब्जा है, लेकिन पाकिस्तान अभी भी इसे अपना राज्य इसलिए नहीं कहता, क्योंकि अगर उसने ऐसा किया तो उसका जम्मू-कश्मीर पर दावा खत्म हो जाएगा। प्रतिनिधि