प्राकृतिक खेती ही लाएगी खुशहाली
   दिनांक 27-सितंबर-2019
 
शिविर को संबोधित करते श्री सुभाष पालेकर
 
पिछले दिनों चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के नेताजी सुभाष सभागार में लोक भारती की ओर से प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पद्मश्री सुभाष पालेकर ने मेरठ-सहारनपुर मंडल से आए किसानों से प्रकृति के माध्यम से ही खेती करने का आह्वान किया। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति ने पेड़-पौधों के भोजन और पानी के लिए पूरी व्यवस्था की है, हमने ही उसे नष्ट किया है। हमें बताया गया कि बिना कीटनाशक और रासायनिक खाद के खेती हो ही नहीं सकती। जबकि आप जंगल में देखें, वहां पौधों को कौन खाद-पानी और कीटनाशक देता है? फलों से लदे रहते हैं, इन पौधों का पत्ता कहीं से भी तोड़कर दुनिया की किसी भी प्रयोगशाला में जांच करा लीजिए, पोषक तत्वों की कमी नहीं मिलेगी, ऐसा क्यों है? क्योंकि इनका संरक्षण, संवर्धन प्रकृति करती है। उन्होंने कहा कि आज उत्पादन घट रहा है। खेती की लागत नहीं निकल रही। मौसम की मार झेलने में ये फसलें विफल हैं। नतीजा यह है कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं। दूसरी ओर इस वक्त जैविक खाद आधारित खेती करना भी संभव नहीं है। आखिर इतनी जैविक खाद (गोबर से निर्मित) आएगी कहां से? इसलिए समय की आवश्यकता है कि किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा। यही उनकी समस्त समस्याओं का समाधान है। यही तरीका खेती की लागत शून्य करते हुए आय दोगुनी कर सकता है।  प्रतिनिधि