नेरी में भारतीय इतिहास संकलन की दो दिवसीय कार्यशाला
    दिनांक 27-सितंबर-2019
 
स्मारिका का लोकार्पण करते हुए इतिहास संकलन योजना के अधिकारी। बाएं से पांचवें स्थान पर हैं श्री बालमुकुंद
 
भारतीय इतिहास संकलन योजना की दो दिवसीय उत्तर-क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन हिमाचल प्रदेश स्थित ठाकुर जगदेव चन्द स्मृति शोध संस्थान, नेरी में हुआ। कार्यशाला में उत्तर क्षेत्र के पांच प्रान्तों-हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर व दिल्ली के लगभग 120 पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला में इतिहास संकलन योजना समिति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ़ बालमुकुन्द पाण्डेय, राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र हंस, डॉ़ प्रशान्त गौरव व डॉ़ रत्नेश त्रिपाठी सहित कई राष्ट्रीय व प्रान्तीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला में जलियांवाला बाग हत्याकांड, अनुच्छेद 370, गुरु नानक देव जी की 550वीं वर्षगांठ विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में प्रो़ सतीश चंद्र मित्तल के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया व श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ़ बालमुकुन्द पाण्डेय ने आह्वान किया कि भारतीय इतिहास को भारतीय चैतन्य के प्रकाश में लिखने की आवश्यकता है। भारतीय इतिहास में कई ऐसी घटनाएं हैं जिन्हें जानबूझ कर आम जन साधारण से दूर करने का कुप्रयास किया गया है।
 
भारतीय इतिहास संकलन योजना भारतीय जनमानस के इतिहास को लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् के निदेशक डॉ़ ओम उपाध्याय ने भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् की इतिहास से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। डॉ़ रत्नेश त्रिपाठी ने भारतीय इतिहास संकलन योजना के संगठन व भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में बिलासपुर के ‘वीरों का इतिहास’ पुस्तक का लोकार्पण किया गया। प्रतिनिधि