जेल जाने से घबराए आजम, जमानत याचिका भी हुई खारिज
    दिनांक 04-सितंबर-2019
सपा शासनकाल मे मंत्री रहते हुए आज़म खान ने रामपुर में सरकारी मशीनरी का जम कर दुरुपयोग किया. यहां तक कि आजम खान ने नदी के बाढ़ क्षेत्र की की भूमि पर भी कब्जा कर लिया

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समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. जमीन कब्जा करने एवं विभिन्न प्रकार की अनियमितता के मामले में आजम खान के खिलाफ करीब 30 एफ.आई.आर दर्ज की जा चुकी हैं. गिरफ्तारी से बचने के लिए आज़म खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी मगर उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. आजम के खिलाफ चुनाव के दौरान से अब तक 55 मुकदमे थानों में दर्ज हो चुके हैं, जबकि 10 मुकदमे चुनाव से पहले के हैं। इस तरह उनके खिलाफ कुल 65 मुकदमे थानों में दर्ज हैं। इसके अलावा डकैती और गैर इरादतन हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में भी उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। इनमें उनकी गिरफ्तारी भी संभव है।
यही वजह है कि आज़म खान को जेल जाने का डर सताने लगा है. आजम खान ने अपने कारनामों को राजनीतिक रंग देने के लिए मुलायम सिंह यादव से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कराई. मुलायम सिंह यादव ने कहा कि " आज़म खान ने भीख मांग - मांग कर यूनिवर्सिटी बनाई है. मात्र दो बीघा जमीन है जिसके लिए आज़म को परेशान किया जा रहा है." मुलायम सिंह यादव से इस तरह का बयान दिलवा कर आजम खान की कोशिश है कि इस मामले का राजनीतिकरण दिया जा सके. अगर उन्हें जेल जाना पड़े तो जनता में यह सन्देश जाय कि आज़म खान को फंसाया गया है. लेकिन सचाई यह है कि सपा शासनकाल मे मंत्री रहते हुए आज़म खान ने रामपुर में सरकारी मशीनरी का जम कर दुरुपयोग किया. इन सभी मामलों की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई. शासन स्तर से सभी मामलों की जांच कराई गई. जांच में दोषी पाए जाने पर अलग – अलग मामलों में आजम खान के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज की गई हैं.
नदी की भूमि पर भी किया कब्जा
आज़म खान ने चकरोड ,बाढ़ क्षेत्र , अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि को नियम विरुद्ध तरीके से हासिल करके उसे जौहर विश्वविद्यालय में मिला लिया. जौहर विश्वविद्यालय से थोड़ी दूर पर कोसी नदी है. नदी के नाम पर सिंचाई विभाग का बजट स्वीकृत कराया. सिंचाई विभाग के उस बजट को भी जौहर विश्वविद्यालय के कार्य में लगावा दिया. जल निगम में हुई नियुक्तियों में भी अनियमितता की गई.
रामपुर में गलत ढंग से निर्मित उर्दू गेट बनवाया जिसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया. आज़म खान ने अपने पुत्र अब्दुल्ला का दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए. इस मामले में एफ.आई.आर दर्ज है. 5 हेक्टेयर जमीन कब्जा करने के मामले में रामपुर जनपद के नायब तहसीलदार ने अभी हाल ही में आजम खान एवं अन्य लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज कराई है.
जौहर विश्वविद्यालय का चांसलर बनने के लिए आज़म खान ने हर प्रकार की अनियमितता का सहारा लिया. अब यही सब कारगुजारियां आज़म खान के गले की फांस बनती जा रही हैं. इस विश्वविद्यालय को एक ट्रस्ट के आधार पर संचालित किया जाता है. ट्रस्ट का नाम - मौलाना मोहमद अली जौहर ट्रस्ट रखा गया है . इस ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन, बी-34 दारूल शफा लखनऊ के पते पर कराया गया हैं. आज़म खान, ट्रस्ट के आजीवन अध्यक्ष हैं. आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फा​तमा ट्रस्ट की सचिव हैं. आज़म खान की बहन निखत अफलाक ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष हैं. आजम खान के दोनों बेटे,ट्रस्ट के अन्य सदस्यों में हैं.