‘‘भगवान राम हमारी संस्कृति में समाहित हैं’’
   दिनांक 06-सितंबर-2019
 
पुस्तक का लोकार्पण करते (बाएं से) प्रो. टीवी कट्टीमनी, डॉ. महेश चंद्र शर्मा,
डॉ. मोहम्मद अलीम, श्री आरिफ मोहम्मद खान और श्री अतुल गंगवार
 
पिछले दिनों नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में डॉ. अब्दुल अलीम लिखित पुस्तक ‘इमाम-ए-हिन्द-राम’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं केरल के नवनियुक्त राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान राम इस राष्ट्र के प्रत्येक व्यक्ति में विद्यमान हैं। चाहे आप उन्हें भगवान के रूप में स्मरण करें या अवतार के रूप में या मर्यादा पुरुषोत्तम या अयोध्या के राजा के रूप में। वे भारत के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। राम को भारत की धरती से अलग नहीं किया जा सकता है। वह हमारी संस्कृति में समाहित हैं। उन्होंने कहा कि कबीर के राम प्रत्येक कण में थे और वाल्मीकि के राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे। ये एक ही सूत्र से बंधे हैं और हमें इस सूत्र को मजबूत करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के कुलपति टी.वी. कट्टीमनी ने कहा कि तथाकथित लोग अक्सर दावा करते हैं कि वनवासी हिंदू नहीं हैं, जबकि राम, सीता और लक्ष्मण हर वनवासी भाषा एवं साहित्य में विद्यमान हैं और यह इस बात का प्रमाण है कि हम सब हिंदू हैं और एक ही सूत्र से बंधे हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि राम का धर्म पूछना सही नहीं है। राम भारत के कोने-कोने में विद्यमान हैं। वे प्रत्येक व्यक्ति में हैं और वे हर किसी के हैं। यही कारण है कि इमाम-ए-हिन्द जैसे प्रयासों को जारी रखना चाहिए।
 
 
कांग्रेसी राज में संघ के स्वयंसेवक की हत्या

 
स्व. दादू सिंह कोरटिया
गत 27 अगस्त को छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोंडेगांव में नक्सलियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक दादू सिंह कोरटिया की हत्या कर दी। नक्सलियों ने पहले तो आवाज देकर उन्हें घर से बाहर निकाला और फिर गोली मार दी। ज्ञात हो कि 40 वर्षीय दादू सिंह मैकेनिकल इंजीनियर थे। उन्हें सालभर पहले भी मारने का प्रयास किया गया था। नक्सलियों ने पहले भी उन्हें कई बार चेतावनी दी थी कि वे सुरक्षा बलों से नजदीकी न बढ़ाएं। वे काफी धार्मिक विचार वाले व्यक्ति थे और क्षेत्र में उन्होंने कई मंदिर भी बनवाए थे। दादू की हत्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है। राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ ने दादू के हत्यारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ प्रांत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संघ पूर्व सरपंच दादू सिंह की हत्या की घोर भर्त्सना करता है। वे अपने क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के आग्रही होने के कारण बहुत ही सम्मानित व्यक्ति थे और संघ के स्वयंसेवक थे। वे स्वयं जनजातीय समाज से थे। वे छत्तीसगढ़ और बस्तर की प्राचीन परंपरा का निर्वाह करते हुए सभी जाति-जनजातियों के बीच सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहकर सभी के साथ मिलजुलकर रहने वाले व्यक्ति थे। उनकी हत्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राज्य और केंद्र सरकार से मांग करता है कि दादू सिंह कोरटिया की हत्या के जिम्मेदार तत्व कौन हैं? इसकी गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को दंड मिलना चाहिए।