‘सीमा संघोष’ के विशेषांक का लोकार्पण
   दिनांक 06-सितंबर-2019
 
‘सीमा संघोष’ पत्रिका के विशेषांक का विमोचन करते (बाएं से)सर्वश्री रवि के. मिश्र,
नितिन कोहली, तरुण विजय, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ.जितेंद्र सिंह, विनोद भाटिया और मुरलीधर मिंडा
गत दिनों नई दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन के सभागार में सीमा जागरण मंच की पत्रिका ‘सीमा संघोष’ के विशेषांक का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर देश की सीमाओं के प्रति सामाजिक चेतना, सीमांत क्षेत्रों में राष्ट्रहित में आवश्यक सामाजिक व प्रशासनिक गतिविधियों आदि पर विस्तृत चर्चा हुई।
समारोह के मुख्य वक्ता थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र की अभेद्य सुरक्षा के लिए सीमांत क्षेत्रों के साथ ही अखिल भारतीय समाज में सीमाओं के प्रति जागरण आवश्यक है। सशक्त सीमा की पहचान में जितनी सशक्त सेना की भूमिका है, उतनी ही भूमिका सीमाओं पर रह रहे नागरिकों की सुदृढ़ता और स्वावलंबन की भी है। महाभारत का वर्णन करते हुए उन्होंने भीष्म पितामह के कहे शब्दों को दोहराते हुए कहा कि राष्ट्र की सीमाएं माता के वस्त्रों के समान पवित्र होती हैं, इनकी रक्षा करना पुत्र का प्रथम कर्तव्य है।
 के सशक्तिकरण के लिए शहरों में निवास कर रहे नागरिकों में सीमांत क्षेत्रों के समाज के प्रति आत्मीयता के साथ-साथ परस्पर सहयोग जरूरी है। इन क्षेत्रों में देशविरोधी गतिविधियों और लोगों के पलायन को रोकना आज बड़ी चुनौती है और इसका समाधान सामाजिक प्रतिभागिता के बिना असंभव है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सीमा जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संयोजक श्री मुरलीधर मिंडा और पूर्व राज्यसभा सांसद श्री तरुण विजय आदि उपस्थित रहे।  प्रतिनिधि