याद किए गए बापट जी
   दिनांक 06-सितंबर-2019
 
 
स्व. दामोदर गणेश बापट जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित करते श्री भैयाजी जोशी ‘‘बापट जी
 
सिद्धान्तों को जीवन का हिस्सा मानकर चलते थे। उन्होंने सिद्धान्तों को केवल शब्दों में नहीं रहने दिया, बल्कि जीवनपर्यन्त उसका पालन किया।’’ उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कही। वे गत दिनों बिलासपुर में स्व. दामोदर गणेश बापट की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि साधना के मार्ग पर चलते हुए बापट जी को प्रेरणा मिली। कुष्ठ रोगी स्वाभिमान और सम्मान से जीवन जीएं, इसके लिए लोगों को प्रयास करना चाहिए, बापट जी ने इस मार्ग को प्रशस्त किया। ऐसे रोग से पीड़ित व्यक्ति को अपमानित जीवन का आभास न हो, इस बात का समाज को ध्यान रखना चाहिए। बापट जी के मन में समाज की एकात्मता का भाव था। वे सामाजिक कार्य के लिए पूर्णत: समर्पित थे तथा हर बाधा में एक रास्ता देखते थे। उन्होंने कुष्ठ रोगियों के जीवन को सम्मानजनक बनाने के लिए स्वावलंबन का रास्ता बनाया। इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की सह सरकार्यवाहिका सुलभा ताई देशपांडे ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा के लिए बापट जी ने बहुत सघन प्रयास किया। बिलासपुर स्थित तेजस्विनी बालिका छात्रावास उन्हीं की देन है। मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक श्री दीपक विस्पुते ने बापट जी को याद करते हुए कहा कि कुष्ठ रोग का नाम सुनकर लोगों का मन कांप जाता है, लेकिन बापट जी जैसे महान व्यक्तित्व ने इसे ईश्वरीय कार्य माना और उन्हें हर मुश्किल से निकालने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्था ‘सक्षम’ के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. कमलेश ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बापट जी मानवता के अभूतपूर्व उदाहरण थे। श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढे, कुष्ठ निवारक केंद्र-आनंदवन, महाराष्ट्र के प्रमुख श्री विकास आम्टे व विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत के श्रद्धांजलि संदेश भी पढ़े गए। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले श्री बापट जी का निधन हो गया था।  प्रतिनिधि