राम जेठमलानी का निधन राष्ट्रपति- प्रधानमंत्री ने जताया दुख
   दिनांक 08-सितंबर-2019
 
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का दिल्ली में उनके आवास पर निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनके परिजनों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वे पिछले कई महीनों से बीमार थे।  उनका अंतिम संस्कार आज शाम को यहां लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील रामजठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद् को खो दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने एक असाधारण वकील और एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को खो दिया है, जिन्होंने अदालतों और संसद में समृद्ध योगदान दिया है। गृहमंत्री अमित शाह ने राम जेठमलानी के निधन के बाद उनके आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके बेटे महेश जेठमलानी ने कहा कि 14 सितंबर को 96 वां जन्मदिन था। आज सुबह
पाकिस्तान के शिकारपुर में हुआ था जन्म
राम जेठमलानी का जन्म पाकिस्तान (तब वह भारत का हिस्सा हुआ करता था) के शिकारपुर में 14 सितंबर 1923 में हुआ था। वह पढ़ने में बेहद ही अच्छे छात्र थे। 13 साल की छोटी उम्र में ही उन्होंने मैट्रिक पास की थी। उनके दादा और पिता बोलचंद गुरमुख दास भी पेशे से वकील ही थे।
पहले ही केस से सुर्खियों में आ गए थे
17 साल की उम्र में जब उन्होंने वकालत की डिग्री हासिल करने के बाद अपना पहला केस लड़ा उसी के साथ वह सुर्खियों में छा गए। वर्ष 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का केस जेठमलानी ने यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ के साथ लड़ा था। नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी ही पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी। इसके बाद नानावटी ने आत्मसमर्पण कर अपना अपराध स्वीकार लिया था। उन्हें तीन साल जेल में गुजारने पड़े। जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था।
74 साल तक की वकालत फिर लिया संन्यास
जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का निधन हुआ तब पूरे देश में शोक की लहर थी। देश का कोई भी वकील इंदिरा गांधी के हथियारों के केस सड़ने के लिए तैयार नहीं था। तब रामजेठमलानी ने ही आरोपी सतवंत सिंह और केहर सिंह का केस लड़ा था। देश के चर्चित घोटालों में से एक 2G घोटाले में वह डीएमके नेता कणिमोझी की तरफ से पेश हुए थे। इसी घोटाले में उन्होंने यूनीटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय चंद्रा की सुप्रीम कोर्ट से जमानत कराई थी। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जेठमलानी अमित शाह की तरफ से पेश हुए थे। इनके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के लिए अवैध खनन मामले में भी उन्होंने पैरवी की थी।