जेएनयू हिंसा: पुलिस ने दस आरोपियों की पहचान की, छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष का नाम भी शामिल
   दिनांक 10-जनवरी-2020
 
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर 10 आरोपियों के नाम बताएं हैं। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत कुल 10 लोगों की पहचान की गई है। सभी पर जेएनयू में हिंसा करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सुबह 11 बजे बैठक हुई। पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमिटी की प्रमुख ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह सहित अन्य अधिकारी इस बैठक में मौजूद थे।
जेएनयू हिंसा में पहचाने गए छात्र
पंकज मिश्रा, आइशी घोष, योगेंद्र भारद्वाज, सुचेता तालुकदार, प्रिय रंजन, चुनचुन कुमार, विकास पटेल, डोलन सामंता के नाम शामिल। पुलिस न बताया कि वायरल वीडियो से कुछ लोगों की पहचान की गई।जेएनयू में हिंसा में पहचाने गए आठ छात्रों से जवाब मांगा गया है। पुलिस ने कहा, सामान्य तौर पर हम जांच पूरी होने के बाद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं लेकिन इस घटना के संदर्भ में फैलाई जा रही अफवाहों की वजह से हमें पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करना पड़ी।
पुलिस का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन की वजह से आम लोगों को परेशानी हो रही है। कल कनॉट प्लेस में लोगों को इनके प्रदर्शन की वजह से दिक्कतें हुईं। जब भी हम इन लोगों से कनेक्ट करने की कोशिश करते हैं तो ये लोग कानून का उल्लंघन करते हैं। पुलिस का कहना है कि मामला एक शिक्षण संस्थान का है जिसमें छात्र शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि जेएनयू में विंटर रजिस्ट्रेशन चल रहा है जिसका एआईएसएफ, एसएफआई,आईसा, डीएसएफ के लोग विरोध रह रहे हैं।
जबकि ज्यादातर छात्र पंजीकरण कराना चाहते हैं। इन संगठनों के सदस्य खुद तो रजिस्ट्रेशन का विरोध कर रहे हैं, साथ ही जो पंजीकरण कराना चाह रहे हैं उनको धमका भी रहे हैं। पुलिस ने बताया कि तीन जनवरी को भी इन संगठनों से जुड़े सदस्यों ने विरोध के दौरान सर्वर रूम में छेड़छाड़ की। चार जनवरी को कुछ अराजकतत्व पीछे के रास्ते से घुसते हैं और सर्वर रूम को बुरी तरह डैमेज कर देते हैं। इस संबंध में हमारे पास एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है। पांच जनवरी सुबह 11 बजे कुछ छात्र स्कूल ऑफ सोशल साइंस के बाहर कुछ छात्र पंजीकरण कराने के लिए बाहर बैठे थे तो उनको पीटा गया और बीच- बचाव करने वाले सुरक्षा स्टाफ से भी धक्कामुक्की की गई। पुलिस ने कहा, एआईएसएफ, आईसा, एसएफआई और डीएसएफ के लोगों ने पांच जनवरी को पेरियार हॉस्टल में जाकर हमला किया। उसके बाद पुलिस वहां पहुंची।
दिल्‍ली पुलिस ने कहा, जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के पास मौजूद टी पॉइंट के पास पीस मीटिंग हो रही थी जिस दौरान कुछ नकाबपोश लोगों ने हाथ लाठी डंडा लेकर साबरमती हॉस्टल पर हमला किया। जेएनयू हिंसा पर पुलिस ने बताया कि लेफ्ट के चार संगठन रजिस्ट्रेशन के खिलाफ है। नकाबपोश जानते थे कि किस-किस रूम में जाना है। पेरियार हॉस्टल में मारपीट की गई। बाहर वालों के लिए जेएनयू के अंदर जाना आसान नहीं। 5 जनवरी को 11.30 बजे मारपीट की गई। हिंसा के दौरान कुछ वाट्सएप ग्रुप बनाए गए।