शरणागतों को आश्रय देता है सीएए
   दिनांक 13-जनवरी-2020

शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए सीएए कानून बनाया गया है। यह भारत के किसी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनता है। 

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मंच पर विराजमान अतिथिगण 
 
बीते दिनों बिहार के पूर्णिया जिले के परोरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर विद्या विहार आवासीय स्कूल में संपन्न हुआ। समारोप अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे प्रांत प्रचारक श्री राम कुमार। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बारे में आज देश में भ्रम फैलाया जा रहा है। लेकिन ऐसे लोगों के बीच जाकर उनके सामने वास्तविकता सामने रखनी होगी।
 
उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन विधि मंत्री योगेन्द्र मंडल ने कुछ ही दिनों बाद वहां के अल्पसंख्यक दलित समुदाय की स्थिति देखकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वे उनकी प्रताड़ना देखकर काफी दुखी और चिंतित हो गए थे। इसके बाद वे सभी दलित भाइयों के साथ भारत लौटना चाह रहे थे तो पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने कहा था कि आप जाइये, इन्हें मत ले जाइये। ये चले जाएंगे तो पाकिस्तान में साफ-सफाई का काम कौन करेगा? आज ऐसे ही शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए सीएए कानून बनाया गया है। यह भारत के किसी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनता है। इसलिए हमारे देश के दलित भाइयों समेत अन्य वर्गों को यह समझना होगा।
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षाविद् श्री रमेश मिश्र ने कहा कि संघ विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है जो सदैव नि:स्वार्थ भाव से सामाजिक एवं राष्ट्रीय कार्यों में अपनी भूमिका निभाता रहा है। बिहार में 2008 में आई भीषण बाढ़ में संघ के स्वयंसेवकों के नि:स्वार्थ सेवाभाव को देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ। संघ स्वयंसेवक के अनुशासित जीवन से समाज काफी कुछ सीख सकता है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से विद्या विहार आवासीय स्कूल के सचिव श्री राजेश मिश्र, विभाग प्रचारक श्री राकेश कुमार, विभाग सह संघचालक श्री राम कुमार केशरी, विभाग कार्यवाह श्री मोहन कुमार आदि उपस्थित रहे।  प्रतिनिधि