अंबाजोगाई में डॉ. शरद हेबालकर अमृत महोत्सव
   दिनांक 13-जनवरी-2020
लोकसंग्रह करने वाले कार्यकर्ता जीवन को सही मार्ग दिखाकर स्वयं के अनुकरण व आचरण से समाज को मार्ग दिखाते हैं।
 
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अमृत महोत्सव को संबोधित करते श्री मोहनराव भागवत 
 
 
''तपस्या, समर्पण, आत्मनिवेदन और भक्ति, इन तत्वों को लेकर चलने वाला व्यक्ति जीवन को सक्षम बनाता है। लोकसंग्रह करने वाले कार्यकर्ता जीवन को सही मार्ग दिखाकर स्वयं के अनुकरण व आचरण से समाज को मार्ग दिखाते हैं। आत्मीयता और अपनापन ही विश्व का सत्य है।'' उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कही। वे गत दिनों महाराष्ट्र स्थित अंबाजोगाई में संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति के महासचिव डॉ. शरद हेबालकर के अमृत महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
 
डॉ. शरद हेबालकर को शुभकामना देते हुए उन्होंने भारत की संस्कृति का तत्वज्ञान बताया और कहा कि मानव और पशु में मानव को ही ईश्वर ने विचार करने का वरदान दिया है। यह विचार व्यक्ति को स्वयं के जीवन को समृद्ध करने हेतु आचरण में लाना चाहिए। जीवन का आत्मावलोकन करते हुए हम कहां पर हैं, इसका आत्म परीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्मीयता और अपनेपन का बड़ा महत्व होता है।
 
यह गुण जीवन को आनंददायी और सफल बनाता है। सूर्य जिस प्रकार स्वयं प्रकाशित होकर अंधेरा दूर करता है, इसी तरह मानव को भी सूर्य जैसा आदर्श निर्माण कर धर्म की राह पर चलना चाहिए। तत्वपूर्ण जीवन ही धर्म होता है। जो व्यक्ति धर्म के आधार पर जीवन व्यतीत करता है, वह अर्थ और कामना-रहित सफल जीवन व्यतीत करता है। डॉ. शरद हेबालकर ने भी धर्म की राह पर चलते हुए स्वयं के जीवन को सार्थक किया है।
 
कार्यक्रम में श्री शरद हेबालकर एवं राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांताक्का ने भी विचार रखे। इस अवसर पर हिन्दुओं के इतिहास एवं हिन्दू धर्म के विस्तार की जानकारी देने वाले 'वेब पोर्टल' का भी लोकार्पण किया गया। प्रतिनिधि