सीएए पर कुछ लोग फैला रहे भ्रम
   दिनांक 13-जनवरी-2020
तीन देशों से मजहबी आधार पर प्रताडि़त होकर भारत आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलेगी।'' उक्त बात सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री केसी सडयाल ने कही
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संगोष्ठी को संबोधित करते श्री केसी सडयाल 
 
 
''देश में कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के कारण किसी भी नागरिक की नागरिकता नहीं छिनेगी, बल्कि इस कानून से तीन देशों से मजहबी आधार पर प्रताडि़त होकर भारत आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलेगी।'' उक्त बात सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री केसी सडयाल ने कही। वे पिछले दिनों शिमला स्थित उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार रख रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीन देशों में हिन्दुओं की संख्या में लगातार गिरावट आई है।
 
1952 में नेहरू-लियाकत समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत और पाकिस्तान में इस बात पर सहमति बनी थी कि दोनों देश अपने अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करेंगे। भारत ने तो इस समझौते का पालन किया, जबकि पाकिस्तान ने लगातार समझौते के प्रावधानों का उल्लघंन किया। जिसके चलते पाकिस्तान में हिन्दुओं की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है। खुलेआम मानवाधिकारों का उल्लघंन हो रहा है। ऐसे में जो अल्पसंख्यक भारत आ गए यह कानून उनको नागरिकता देकर भारत में शरण देगा। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए इस कानून का विरोध करने वालों की निंदा की। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश महाधिवक्ता श्री अशोक शर्मा ने भी अपने विचार रखे। (विसंके, शिमला)