जिहाद के लिए डॉ. जलीश बना बम बनाने वाला डॉक्टर
   दिनांक 18-जनवरी-2020
कानपुर में गिरफ्तार किया गया डॉ. जलीश यूं तो एमबीबीएस डॉक्टर है लेकिन उच्च शिक्षित होने के बाद भी मजहबी कट्टरता के चलते आतंकी बन गया. 50 से अधिक बम धमाकों मेंं है भूमिका

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इस्लामिक जिहाद किस तरह से मुसलमानों को आतंकवादी बनने के लिए प्रेरित करता है. डॉ. जलीश अंसारी इसका ज्वलंत उदाहरण है. वर्ष 1982 में उसने मुम्बई से एम.बी.बी.एस किया. वह डॉक्टर बन चुका था मगर वर्ष 1988 में हैदराबाद के आजम गोरी ने उसकी मुलाक़ात अब्दुल करीम टूंडा से कराई. इन लोगों से मुलाक़ात के बाद डॉ. जलीश आतंकवाद की दुनिया में चला गया. अब्दुल करीम टूंडा देसी बम बनाने का जानकार था. उसने डॉ. जलीश को बम बनाने की विधि सिखाई. पढ़ा- लिखा होने के बावजूद डॉ. जलीश ने बम बनाना सीखा और आतंक की राह पर चल निकला। आतंकवाद की दुनिया में उसे डॉ. बम के नाम से भी जाना जाता है. मुंबई सीरियल ब्लास्ट 1993, राजधानी एक्सप्रेस ब्लास्ट, पुणे सीरियल ब्लास्ट, हैदराबाद, मालेगांव , अजमेर आदि स्थानों पर हुए बम विस्फोट सहित 50 से अधिक बम विस्फोटों में डॉ. जलीश की भूमिका रही. 90 के दशक में मुम्बई समेत कई प्रदेशों की पुलिस के लिए डॉ. जलीश चुनौती बन चुका था.
इधर कुछ वर्षों से डॉ. जलीश अंसारी सेंट्रल जेल अजमेर में सजा काट रहा था. इसको वर्ष 1993 में मुंबई- दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस , कोटा जनपद व कानपुर में बम विस्फोट काण्ड में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी थी. पिता की मृत्यु पर उसने अदालत से प्रार्थना की थी कि उसे पैरोल पर कुछ दिन के लिए घर जाने की इजाजत दे दी जाए . कोर्ट ने उसकी अर्जी स्वीकार करते हुए 26 दिसंबर 2019 को 21 दिन की पैरोल स्वीकृत कर दिया. पैरोल में यह शर्त थी कि डॉ. जलीश पैरोल अवधि में प्रत्येक दिन सुबह 10 से 12 बजे के बीच स्थानीय थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा. डॉ.जलीश को 17 जनवरी 2020 को पुनः जेल पहुंचना था परंतु 16 जनवरी 2020 को प्रातः ही वह मुम्बई में स्थित अगटीपाड़ा मोहल्ले के आवास से आचानक गायब हो गया.
इस संबंध में एसटीएफ मुंबई द्वारा डॉ. जलीश अंसारी को गिरफ्तार करने का अपेक्षित सहयोग उत्तर प्रदेश पुलिस से मांगा गया. मुम्बई पुलिस द्वारा यह बताया गया कि वह उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर का रहने वाला है. वहां पर भी वह जा सकता है. इस सूचना के आधार पर पुलिस महानिदेशक , पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ एवं अन्य पुलिस अधिकारियों ने बेहद सजगता से कार्य किया. पुलिस महानिदेशक ओ.पी.सिंह ने बताया कि " डॉ. जलीश अंसारी के कानपुर नगर में होने की सूचना प्राप्त हुई. पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके पूर्व इसने पाकिस्तान में रहकर आतंकवाद संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त किया. हुजी संगठन के संपर्क में रहता था. भारत में इंडियन मुजाहीद्दीन का टेक्निकल हैण्ड था. "