महिलाओं और बच्चों की आड़ लेकर यूपी में भी शाहीन बाग़ जैसी स्थिति बनाने की साजिश
   दिनांक 21-जनवरी-2020
प्रदर्शन में महिलाओं और बच्चों को आगे किया हुआ है। पुलिस और प्रशासन उन्हें समझा रहे हैं लेकिन महिलाएं वहां से ​हटने के लिए तैयार नहीं हैं.

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लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन करती हुईं महिलाएं
नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों ने पहले तो आन्दोलन करके हिंसा फैलाई. उसके बाद उत्तर प्रदेश में सख्त कार्रवाई हुई. दंगाईयों की पहचान करके उनकी सम्पत्ति जब्त की जाने लगी. जब एजेंडा फेल होता दिखाई दिया तो दिल्ली के शाहीन बाग़ की तर्ज पर महिलाओं और बच्चों को आगे कर धरना दिया जा रहा है. पुलिस लगातार निवेदन कर रही है कि रास्ता खाली कर दें मगर मुस्लिम महिलाएं वहां से हटने को तैयार नहीं हैं. आमजन परेशान हैं.
देर रात लखनऊ में लगाया जाम
शुक्रवार को अचानक रात साढ़े बारह बजे के करीब मुस्लिम महिलाओं ने हाथ में तख्ती और झंडा लेकर लखनऊ के घंटाघर के पास आकर जाम लगा दिया. महिलाएं नारेबाजी कर रहीं थीं. मुस्लिम महिलाओं की भीड़ एकत्र होने की सूचना पाकर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय और संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोड़ा मौके पर पहुंचे. इन दोनों पुलिस अफसरों ने काफी देर तक यह समझाने का प्रयास किया कि नागरिकता संशोधन कानून से कोई डरने की जरूरत नहीं है. वो लोग निश्चिंत होकर अपने अपने घरों को वापस जायें. लेकिन महिलाएं अपनी जिद पर अड़ी रहीं और धरना स्थल से वापस जाने को तैयार नहीं हुईं.
अलीगढ़ में मार्च निकाला 50 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ एफ.आई.आर
अलीगढ़ जनपद में जुमे की नमाज के बाद धीरे-धीरे मुस्लिम महिलाओं का समूह निकलना शुरू हुआ. अलीगढ़ जनपद के जमालपुर और दोदपुर इलाके में मुस्लिम महिलाओं ने मार्च निकाला. अलीगढ़ जनपद के पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए इन महिलाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया. इन महिलाओं का कहना था कि ‘ वो लोग शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहती हैं’ मगर पुलिस ने उन्हें बताया कि जनपद में धारा 144 लागू है इसलिए इस तरह की भीड़ एक जगह जमा नहीं हो सकती है. काफी देर तक महिलाओं ने नारे बाजी की. मौके पर महिला पुलिस को बुलाकर इन महिलाओं को वापस कराया गया.
इसके थोड़ी देर बाद फिर करीब 50 की संख्या में मुस्लिम महिलाएं एकत्र हुईं और एनआरसी और सीएए के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं. मौके पर महिला पुलिस को बुलाकर इन महिलाओं को वापस कराया गया. इसके बाद धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में करीब 60 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज की गई. बता दें कि जुमे की नमाज के दो दिन पहले से सोशल मीडिया पर यह तैयारी की जा रही थी. इस प्रकार का सन्देश वायरल किया जा रहा था जिसमे यह कहा गया था कि शाहीन बाग़ की तरह ही मुस्लिम महिलाओं को एकत्र होकर अपनी ताकत दिखानी हैं.
प्रयागराज जनपद के मंसूर अली पार्क में भी चल रहा है धरना
प्रयागराज जनपद के मंसूर अली पार्क में कुछ दिनों से शाहीन बाग़ की तर्ज पर मुस्लिम महिलाओं और छोटे बच्चों को आगे करके धरना प्रदर्शन करवाया जा रहा है। महिलाएं और बच्चे वहां होने के चलते पुलिस बल प्रयोग नहीं कर पा रही है. इसका फायदा उठाते हुए वहां पर मुस्लिम महिलाएं डटी हुईं हैं. उन्हें समझा दिया गया है कि एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर नारेबाजी करते रहना है. उनके भोजन आदि का इंतजाम समय पर किया जाता रहेगा. इसी मंसूर अली पार्क में ही नमाज भी पढ़ी जा रही है.
कानपुर में होता है रोज शाम को प्रदर्शन 
इसी प्रकार कानपुर जनपद में एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर महिलाओं की भीड़ को जुटाया गया है. कानपुर जनपद का धरना प्रतिदिन शाम को 5 बजे शुरू होता है और रात आठ बजे तक चलता है. यहां पर प्रदर्शनकारी महिलाओं की एक ही रट है - सीएए और एनआरसी को वापस लिया जाय. ये बात दीगर है सीएए और एनआरसी क्या है उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं नहीं है.