जिहादी भीड़ नजीरान बानो को मार डालती अगर उन्हें यह पता नहीं चलता कि वह मुसलमान हैं
   दिनांक 23-जनवरी-2020
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का विरोध कर रही जिहादियों की भीड़ नजीरान बानो को मार डालती अगर वह उन्हें कुरान की आयत नहीं सुना पाती

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अपने साथ हुई घटना के बारे में मीडिया से बात करती हुईं नजीरान बानो
 
एक साजिश के तहत देश में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) का फर्जी विरोध हो रहा है, भ्रम फैलाया जा रहा है। जाहिलों की भीड़ एक महिला को मार ही डालती अगर वह उनके यह यकीन दिलाने में कामयाब नहीं होती कि वह खुद एक मुसलमान है। ऐसी ही भीड़ ने राजस्थान में राष्ट्रीय आर्थिक जनगणना के लिए डाटा इकट्ठा करने वाली नजीरान बानो को सीएए-एनआरसी वाला समझकर हमला कर दिया। वहीं पश्चिम बंगाल में भी गांववालों ने 20 साल की चमकी खातून के घर में आग लगा दी।
राजस्थान के कोटा में राष्ट्रीय आर्थिक जनगणना विभाग में काम करने वाली नजीरान बानो पर भीड़ ने उस समय हमला किया जब वह बृजधाम क्षेत्र में राष्ट्रीय अर्थशास्त्र जनगणना 2019-2020 के लिए डाटा इकट्ठा कर रही थीं। जब उन्होंने भीड़ को यकीन दिलाया कि वह उनकी तरह मुस्लिम हैं तब कही जाकर उन्हें छोड़ा गया। पुलिस ने बाद में हमले के लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार, बोरखेड्स एसएचओ महेश सिंह ने बताया कि महिला का मोबाइल फोन छीनकर उसमें एप पर मौजूद आर्थिक जनगणना से संबंधित डेटा को डिलीट किया गया। भीड़ चाहती थी कि वह कुरान की एक आयत सुनाकर खुद को मुस्लिम साबित करें। जिसके बाद उन्होंने अपने पर्स से आयत-अल-कुर्सी का कार्ड दिखाकर उन्हें शांत किया।
इसी तरह वहीं पश्चिम बंगाल में गूगल इंडिया और टाटा ट्रस्ट के इंटरनेट साथी के लिए काम करने वाली 20 साल की चुमकी खातून पर जिहादी भीड़ ने हमला कर दिया। मुसलमानों की भीड़ को लगा वह एनआरसी के डाटा इकट्ठा कर रही हैं। यही नहीं गौरबाजार गांव में स्थित खातून के घर को भी लोगों ने आग के हवाले कर दिया और उनके परिवार को मजबूरी में स्थानीय पुलिस थाने में शरण लेनी पड़ी। ममता राज में इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।