झारखंड: जिहादियों की भीड़ ने​ हिंदुओं की दुकानों को निशाना बनाया, घरों में आग लगाई
   दिनांक 24-जनवरी-2020
जिहादियों की भीड़ ने शांतिपूर्ण जुलूस पर हमला किया। पेट्रोल बम से हमले  किए, हिंदुओं के घरों, दुकानों यहां तक कि महिलाओं को निशाना बनाया गया

aag_1  H x W: 0
जिहादियों की भीड़ ने​ हिंदुओं की दुकानों को निशाना बनाया, घरों में भी आग लगाई
झारखंड के लोहरदगा में विहिप के आह्वान पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में गुरुवार को निकाले गए जुलूस पर अमला टोली में जिहादियों की भीड़ ने हमला कर दिया। हिंदुओं द्वारा निकाले जा रहे शांतिपूर्ण जुलूस पर पेट्रोल बम फेंके गए। जिहादियों की भीड़ ने जमकर आगजनी की। शहर हालात बेकाबू हैं,हालांकि प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए पूरे शहर में धारा 144 लगा दी है।
लोहरदगा में सीएए के समर्थन में शांतिपूर्ण रूप से आदिवासी समाज द्वारा निकाली जा रही पदयात्रा पर पथराव किया गया। आदिवासी समाज से आने वाले पूर्व मंत्री सुदर्शन भगत इस पत्थरबाजी में बाल—बाल बचे। कई लोग इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। इस समय हालात को नियंत्रण से बाहर जाता देखकर प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। विहिप से इस घटना की कड़ी निंदा की है।
बृहस्पतिवार के दिन निकाले जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को आधा दर्जन से अधिक संगठनों का समर्थन हासिल था। लोहरदगा स्टेडियम से सीएए के समर्थन में शांतिपूर्ण मार्च निकाली जा रही थी। जैसे ही जुलूस मुस्लिम बहुल अमला टोली, सोमान बाजार इलाके में पहुंचा। वहां पर जिहादियों की भीड़ ने अचानक जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। लोग जान बचाकर भागने लगे। इस बीच भीड़ पर पेट्रोल बमों से हमला किया गया। जिस तरह से शांतिपूर्ण जुलूस पर हमला किया गया उससे स्पष्ट है कि पहले से पूरी योजना बनाकर रखी गई थी।
गौर करने वाली बात है जहां जहां—जहां गैर भाजपाई शासन है, वहां जिहादी मुसलमानों की भीड़ सीएए के पक्ष में निकलने वाली यात्राओं पर हमला कर रही है। कई जगह तो कांग्रेस सरकार के अधिकारी ही मैदान में हाथापाई करने के लिए उतर जाते हैं।
झारखंड में जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है, आदिवासी समाज और मुसलमानों के बीच किसी प्रकार के टकराव को यह जन्म न दे। इसके के लिए कड़ी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।