गांधी जी ने भारत को ही नहीं, विश्व को भी राह दिखाई
   दिनांक 27-जनवरी-2020
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संगोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्धजन
 
''गांधी विश्व मानव थे। उन्होंने भारत का ही नहीं वरन् पूरे विश्व को मार्ग दिखाया है। गांधी एक दृष्टा ही नहीं, स्रष्टा भी थे। उन्होंने विचार भी दिए, साथ ही उन्हें व्यवहार में लाने का मार्ग भी दिखाया।'' उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर क्षेत्र संघचालक श्री बजरंग लाल गुप्त ने कही।
 
वे पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा '21वीं सदी के भारत में गांधी-चिंतन की प्रासंगिकता' पर आयोजित संगोष्ठी के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। राम राज्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भौतिक व आध्यात्मिक तरक्की का समन्वय ही आर्थिक विषय में गांधी-चिंतन है।
 
कार्यक्रम में उपस्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. राजीव रंजन गिरी ने कहा कि गांधी का सांस्कृतिक चिंतन भारतीय परम्परा की समझ का विस्तार है। वहीं पीजीडीएवी कॉलेज के डॉ. हरीश अरोड़ा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि गांधी दर्शन को अपनाते हुए शिक्षा को भारतीय मूल्यों और भारतीय भाषाओं से जोड़ा जाना चाहिए।