इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पीएफआई ने सीएए को लेकर हिंसा के लिए बांटे 120 करोड़, कांग्रेस नेता ​कपिल सिब्बल ने भी लिए 77 लाख
   दिनांक 27-जनवरी-2020
 
pfi _1  H x W:
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा किए गए खुलासे के अनुसार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों का इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पीएफआई के साथ आर्थिक लेन-देन था। पीएफआई से जुड़े 73 बैंक खातों से 120 करोड़ से ज्यादा की राशि कई लोगों, संस्थाओं के खाते में ट्रांसफर की गई। पीएफआई के एकाउंट से कांग्रेस नेता​ कपिल सिब्बल को 77 लाख रुपए दिए गए। पीएफआई कश्मीर को 1.65 करोड़ रुपए दिए गए। सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह को पीएफआई से पैसे दिए गए।
ईडी ने अपनी जांच के बाद दावा किया है कि सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में हिंसा भड़काने, आगजनी करवाने के लिए इस्लामिक कट्टरपंथी पीएफआई ने ही अपना पैसा लगाया है।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की धनशोधन रोकथाम कानून के तहत 2018 से जांच कर रहे ईडी ने पता लगाया है कि संसद में पिछले साल कानून पारित होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 73 बैंक खातों में कम से कम 120 करोड़ रुपये जमा किए गए। पीएफआई एकाउंटस में दुबई के मार्फत पैसा डाला गया। पीएफआई से जुड़े लोगों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सीएए विरोधी प्रदर्शनों को प्रोत्साहित करने के लिए इस पैसे का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ईडी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ इन निष्कर्षों को साझा किया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले दिनों पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे कुछ दिन पहले ही सीएए के खिलाफ राज्य में हुए हिंसक प्रदर्शनों में उसकी संदिग्ध संलिप्तता की बात सामने आई थी। इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 20 लोगों की मौत हो गई थी।