मेरठ के मुस्लिम इलाके में पोलियो ड्राप पिलाने गई टीम पर हमला
   दिनांक 28-जनवरी-2020
आलम यह है कि कोई भी स्वास्थ्य विभाग या सर्वे की टीम मुस्लिम इलाकों में पहुंच रही है तो उसे एनपीआर का कर्मचारी समझ कर हमला किया जा रहा है.

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सोमवार को मेरठ जनपद में पोलियो ड्राप पिलाने वाली टीम के ऊपर अलीबाग इलाके में हमला किया गया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एफ.आई.आर दर्ज कराई है.
जानकारी के अनुसार मेरठ जनपद के लिसाड़ी गेट थाना अंतर्गत अलीबाग इलाके में नर्स नीतू अपने सहयोगियों के साथ पोलियो ड्राप पिलाने गई थीं. इसी दौरान कुछ लोगों ने घर में अन्दर प्रवेश करने से रोका और एनपीआर का कर्मचारी बताकर मारपीट की. वहां पर मारपीट करने वालों ने सरकारी कागजात भी फाड़ दिए और बंधक बना लिया. काफी देर तक समझाने के बाद किसी तरह जाने दिया. अलीबाग से किसी तरह छूटने के बाद नर्स नीतू ने बंधक बनाने , छेड़छाड़ एवं मारपीट की धाराओं में एफ.आई.आर दर्ज कराई.
पोलियो बीमारी के बारे में स्वास्थ्य विभाग का एक स्लोगन है -- "एक भी बच्चा छूटा तो समझो सुरक्षा चक्र टूटा" इसकी वजह यह है कि अगर एक भी बच्चा पोलियो ग्रस्त है तो पोलियो का वायरस वातावरण में बना रहेगा. यह बीमारी देश से समाप्त तभी होगी जब सभी बच्चों को पोलियो ड्राप पिला दी जाएगी मगर मुस्लिम इलाकों में एक अरसे यह अफवाह जड़ जमाए बैठी हुई है कि सरकार पोलियो ड्राप पिलाकर आने वाली पीढ़ी की प्रजनन क्षमता को समाप्त करना चाहती है. इसलिए चाहे जो हो जाए बच्चों को पोलियो ड्राप नहीं पिलाना है. हाल के वर्षों में जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी. उस समय भी मुस्लिम इलाकों में पोलियो ड्राप पिलाने वाली टीम के ऊपर जानलेवा हमले किए गए थे. कई बार पोलियो ड्राप पिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी. अब ऐसे में अगर मुसलमानों के मन में यह अफवाह घर कर गई है कि नागरिकता संशोधन कानून उनके खिलाफ है तो उनके मन से इसे निकाल पाना आसान नहीं है. फ़िलहाल समस्या यह है कि मुस्लिम इलाकों में कोई स्वास्थ टीम या कोई सर्वे वाला पहुंच रहा है तो मुसलमान उसे नेशनल पापुलेशन रजिस्टर बनाने वाला समझ कर हमला कर दे रहे हैं.