हम ध्येय के लिए कार्य करते हैं, स्वार्थ के लिए नहीं
   दिनांक 28-जनवरी-2020
 
a_1  H x W: 0 x
 
नवनिर्मित भवन में हवन करते श्री मोहनराव भागवत (दाएं) 
 
 
गत दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने नई दिल्ली स्थित भारतीय किसान संघ के नवनिर्मित प्रशासनिक कार्यालय 'किसान शक्ति' का लोकार्पण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम सब लोग ध्येय के लिए कार्य करते हैं, स्वार्थ के लिए नहीं। न अपना स्वार्थ है, न संगठन के लिए स्वार्थ है। भारत का किसान समर्थ हो, समस्या मुक्त हो। भारत का किसान भारत को परम वैभव संपन्न बनाने में योगदान दे। क्योंकि भारत के परम वैभव संपन्न होने से ही विश्व में शांति आएगी। उन्होंने कहा कि हम एक ध्येय के लिए काम कर रहे हैं।
 
इस दौरान साधन बनते हैं, साधनों का उपयोग जरूर करना चाहिए। पर, साधनों पर निर्भर रहने से गड़बड़ होती है। साधनों का भरोसा नहीं है क्योंकि साधन परिस्थिति पर निर्भर करता है। साधन आते-जाते रहते हैं, ये तो समय की देन है, लेकिन साध्य अपना पक्का है और अपनी साधना पक्की है, साधक है तो बाकी सारी बातें होंगी। किसान संघ शुरू हुआ तो कोई साधन नहीं था, न ही कोई मान्यता थी। छोटे-छोटे प्रयोग हुए।
 
संघ के स्वयंसेवक किसानों ने अपनी खेती में प्रयोग किया। तब कुछ ध्यान में आया। उसको लेकर काम शुरू किया। वहां से शुरू करके यहां तक आए हैं। हम साधनों के भरोसे नहीं आए, हम आए हैं तो अपनी साधना के भरोसे। यह साधना संगठन की साधना है, जोड़ने की साधना है। हम कार्य करने वाले साधक हैं। साधन हमारे स्वामी नहीं हैं, हम साधनों के स्वामी बनेंगे।