श्रद्धाञ्जलि अनूठे हिन्दी-साधक श्यामसुंदर जी का अवसान
   दिनांक 06-जनवरी-2020
 
विश्व की सभी भाषाओं का श्रेष्ठ साहित्य हिंदी पाठकों को उपलब्ध हो। मथुरा में जन्मे श्यामसुंदर जी की आरंभिक शिक्षा वहीं पर हुई। 

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श्रद्धाञ्जलि
अनूठे हिन्दी-साधक श्यामसुंदर जी का अवसान
 
गत दिनों नई दिल्ली में प्रभात प्रकाशन के संस्थापक श्री श्यामसुंदर का 92 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। उन्होंने जीवन भर राष्ट्रभावी एवं प्रेरणादायी साहित्य का प्रकाशन किया। उनका ध्येय था विश्व की सभी भाषाओं का श्रेष्ठ साहित्य हिंदी पाठकों को उपलब्ध हो।
 
मथुरा में जन्मे श्यामसुंदर जी की आरंभिक शिक्षा वहीं पर हुई। उसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक, स्नातकोत्तर और कानून की सभी डिग्रियां इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राप्त कीं। वे प्रयाग में रा.स्व. संघ के पूर्व सरसंघचालक प्रो.रज्जू भैया के संपर्क में आए और वहीं से स्वयंसेवक रूप में विकसित हुए।
 
958 में उन्होंने दिल्ली में प्रभात प्रकाशन की नींव रखी। धीरे-धीरे यह प्रकाशन हिंदी साहित्य में एक विशिष्ट नाम बनकर उभरा। उन्होंने अनेक नवोदित लेखकों की पुस्तकें प्रकाशित कर उन्हें साहित्य-सेवा के लिए प्रोत्साहित किया। आखिरी सांस तक वे सतत कार्य करते रहे। उनकी स्मृति में 8 जनवरी को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में सभा आयोजित होगी। पाञ्चजन्य परिवार की ओर से दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि। प्रतिनिधि