हाथरस पीड़िता की नकली भाभी के खिलाफ जांच शुरू

    दिनांक 12-अक्तूबर-2020
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हाथरस पीड़िता की कभी बहन तो कभी भाभी के तौर पर प्रचारित हुई डॉ. राजकुमारी बंसल के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है. डॉ. बंसल, जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज की सहायक प्रोफेसर हैं
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वह कॉलेज से आकस्मिक अवकाश लेकर डॉ. बंसल हाथरस पहुंची थीं. मेडिकल कॉलेज को उन्होंने यह नहीं बताया था कि वे हाथरस जा रही हैं. लोक सेवक होते हुए उन्होंने इस तरह के आंदोलन में हिस्सा लिया. मेडिकल कालेज के डीन ने डॉ. बंसल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इधर हाथरस काण्ड की जांच कर रही एसआइटी भी डॉ. बंसल के बारे में जानकारी खंगाल रही है.

जबलपुर की रहने वाली डॉ. बंसल करीब 660 किलोमीटर की यात्रा करके हाथरस पहुंची थीं. पीड़ित परिवार के सदस्यों से वे काफी घुल मिल गईं. कुछ दिनों तक वहां पर रहीं. टी.वी. चैनल पर खुद को पीड़िता की बहन बताया तो कहीं पर भाभी. कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी से बात करते हुए भी उन्हें देखा गया. जब एसआइटी की नजर उन पर पड़ी तो डॉ. बंसल हाथरस से निकल कर जबलपुर पहुंच गईं. वे पीड़ित परिवार की सदस्य नहीं हैं. कोई रिश्तेदार भी नहीं हैं. मगर पीड़िता की भाभी ने उन्हें अपना दूर का रिश्तेदार बताया. मामला गंभीर होता देख डॉ. बंसल ने कहा कि " मैं पीड़िता की भाभी नहीं हूं. कोई मेरे बारे में क्या कहता है, मैं कैसे बता सकती हूं."
डॉ. बंसल फारेंसिक विभाग में काम कर चुकी हैं. उन्हें यह बखूबी मालूम था कि ऐसे मौके पर किस प्रकार का बयान देकर मामले को तूल दिया जा सकता है. जिस समय हाथरस में काफी गहमा गहमी थी. डॉ. बंसल ने एक टीवी चैनल से कहा था कि “ जब पीड़िता का डाइंग डिक्लेयरशन आ चुका है. ऐसे में किसी और प्रमाण की कोई जरूरत नहीं है." फारेंसिक की जानकार डॉ. बंसल को यह मालूम था कि मामले को किस तरफ मोड़ना है. अपनी सफाई देते हुए डॉ. बंसल का कहना है कि " मैं 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक अवकाश लेकर हाथरस में पीड़ित परिवार के घर में रही थी. मेरा कोई नक्सल कनेक्शन नहीं है. ”
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज के डीन डॉ. प्रदीप प्रसाद ने डॉ. बंसल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. कोई भी लोक सेवक इस प्रकार के आयोजनों में भाग नहीं ले सकता है. डॉ. बंसल ने कॉलेज को यह नहीं बताया था कि वे हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने जा रही हैं. उधर हाथरस में जांच कर रही पुलिस का कहना है कि डॉ. बंसल की भूमिका को जब संदिग्ध पाया गया तब इनके बारे में छानबीन की गई. इनके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है. किस उद्देश्य से हाथरस पहुंची थीं. इसके बारे में विस्तार पूर्वक पता लगाया जा रहा है.