राजनीतिक हसरत का हथियार बना हाथरस

    दिनांक 12-अक्तूबर-2020   
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हाथरस में जो हुआ, बहुत ही बुरा हुआ। एक बेटी की जान लेने वाला कोई भी हो, उसको सजा मिलनी ही चाहिए। लेकिन उस घटना की आड़ में विभिन्न जातियों को आपस में लड़ाने के लिए जो साजिश रची गई, वह और भी बुरी है। देश यह जानकर हैरान है कि अपनी राजनीतिक हसरत पूरी करने वालों ने हाथरस को हथियार बना लिया है
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पीड़िता के परिवार वालों को दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उन्हें हर संभाव मदद करने का आश्वासन देते हुए उत्तर
प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित बलात्कार के बाद हो रही राजनीति, दंगे की साजिशें, जिहादी गठजोड़... इन सबको जानने के लिए आपको जाना होगा 1980 के दौर में। कुशीनगर का एक गांव है नारायणपुर। यहां ट्रैक्टर ट्रॉली की दुर्घटना के बाद उत्तर प्रदेश की जनता पार्टी की बाबू बनारसीदास सरकार बर्खास्त हो गई थी। गनीमत है कि इस बार उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। लेकिन तब इंदिरा गांधी ने इस दुर्घटना में एक दलित महिला की मौत को इस तरह भुनाया था कि पूरे सूबे में आग लग गई थी। इंदिरा गांधी ने उस समय उस दलित महिला के अनाथ बच्चों जयप्रकाश (8 साल) और सोनकलिया (6 साल) को गोद लेने का ऐलान किया। खूब सहानुभूति बटोरी, वोट भी। उत्तर प्रदेश सरकार की बलि ली, लेकिन जिस सोनकलिया को इंदिरा गांधी ने गोद में बिठाकर तस्वीरें खिंचवाई थीं, वादा किया था कि अपनी इस बेटी को वे विदेश में पढ़ाएंगी, वह आज भीख मांगकर गुजारा कर रही है और जयप्रकाश तालाब में डूबकर मर चुका है।

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क्या यही आज इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी की दोनों संतानें- राहुल और प्रियंका नहीं कर रहीं? न दलित की चिंता तब थी, न आज है। सत्ता की भूख और आग लगा देने की चाह, तब भी थी, आज भी है। बहुत-सी सोनकलिया और जयप्रकाश हैं, जो 65 साल तक कांग्रेस के राज करने के प्यादे रहे। क्या वास्तव में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और उन जैसे लाशों पर राजनीति करने वालों को हाथरस की गुड़िया की चिंता है? क्या उन्हें वास्तव में नारी अस्मिता की चिंता है? क्या सच में ये दलितों के हितों के लिए जान दांव पर लगा देने वाले लोग हैं? नहीं, बिल्कुल नहीं। इनके पास घटनाओं के अपने वर्गीकरण हैं। इनके शब्दकोश में बलात्कार तभी बलात्कार होता है, जब वह भाजपा शासित राज्य में हो। एक और शर्त है कि बलात्कारी अगर मुस्लिम है, तो कांग्रेस पार्टी उसे बलात्कार नहीं मानती। हाथरस से दिल्ली की दूरी तकरीबन 180 किलोमीटर है। जब भाई-बहन दिल्ली से ठहाके लगाते हुए उत्तर प्रदेश के ‘बलात्कार पर्यटन’ पर निकलते हैं, तो उनकी गाड़ी एक 16 साल की दलित किशोरी के घर के सामने से गुजरती है, लेकिन वहां रुकती नहीं है। कभी रुकेगी भी नहीं। वे 180 किलोमीटर दूर हाथरस जा सकते हैं, आठ किलोमीटर दूर उस बच्ची के घर नहीं। नहीं जाएंगे, क्योंकि यहां आरोपी रेहान है। समझ तो आप गए ही होंगे। 16 साल की यह किशोरी अनाथ है। बहन के साथ रहती है। एक बर्तन पॉलिश करने वाली फैक्ट्री में काम करती थी। पांच अक्तूबर को वह फैक्ट्री मालिक मोहम्मद रेहान से पैसे मांगने गई थी। रेहान ने फैक्ट्री के पीछे ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। उसका एक दोस्त भी इसमें शामिल था।
बहन-भाई बलरामपुर भी नहीं गए। राजस्थान में तो खैर इनकी अपनी सरकार है, वहां का बलात्कार असल में बलात्कार है ही नहीं। वैसे राजस्थान में दो दिन के अंदर बलात्कार के 18 मामले सामने आए हैं।

राजस्थान के बारां में दो नाबालिग बहनों से कथित दुष्कर्म को लेकर राजस्थान सरकार पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन राहुल-प्रियंका कुछ नहीं बोल रहे। बारां शहर की दो नाबालिग बहनें 19 सितंबर को घर से गायब हो गई थीं, जिन्हें 22 सितंबर को कोटा से बरामद किया गया। बयान वगैरह दर्ज करने के बाद इन लड़कियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बारां की ये बेटियां समाचार चैनलों पर भाई-बहन से सवाल पूछ रही हैं। राजस्थान के ही अजमेर में एक दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई। आरोपित टीपू सुल्तान पर अपने दो साथियों के साथ इस घटना को अंजाम देने का आरोप है। 29 सितंबर की घटना है। तब तक कांग्रेस और जिहादी हाथरस पर तलवारें भांजना शुरू कर चुके थे। युवती अजमेर स्थित रामगंज अपनी मां के घर जा रही थी। रास्ते में उस क्षेत्र का ही रहने वाला टीपू सुल्तान उसे बहला-फुसला कर खेतों में ले गया और अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक बलात्कार किया। कांग्रेसी इस घटना के बारे में जानते थे, लेकिन निशाना तो बस हाथरस है।
राजस्थान के बारां की बेटी पूछ रही है कि क्या हाथरस की बेटी बेटी है, वह नहीं हैं? उनके साथ हुआ बलात्कार क्या संगीन घटना नहीं है? पूछ रही हैं कि भाई-बहन कब मुझसे मिलने आएंगे? हम बता देते हैं उन्हें, कभी नहीं। इसलिए नहीं कि वे दोनों सत्ता की चाबी नहीं हैं। मसला उत्तर प्रदेश में आग लगाने का है, राजस्थान में नहीं। नारायणपुर में इंदिरा गांधी ने यही किया था। वहां उन्होंने दौरा करके तस्वीर बनाई कि सवर्ण की ट्रैक्टर ट्रॉली से दलित महिला कुचली गई। और गांधी परिवार की इच्छा तो इस पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए आदेश होती है। एक इशारे पर शहर-शहर दलित सड़कों पर उतर आए। अब राहुल-प्रियंका वही दोहराना चाहते हैं, लेकिन केवल उत्तर प्रदेश में।


हाथरस कांड: इन तथ्यों पर भी गौर जरूरी

आरोप : 
पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी. धाराओं में खेल किया गया. आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई.

सच्चाई : हाथरस पुलिस अधीक्षक के अनुसार 14 सितंबर को घटना के एक घंटे बाद 10.30 बजे युवती का भाई थाने पहुंचा और संदीप पर बहन की हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की. 14 सितंबर को ही आईपीसी की धारा 307 और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ. पहली शिकायत में न तो रेप का जिक्र था, न अन्य आरोपियों का. पीड़िता ने बयान में जब गैंग रेप की बात कही और तीन अन्य अभियुक्तों के नाम लिए, तो आईपीसी की धारा 376 जोड़ी गई और अन्य तीन को भी नामजद कर दिया गया. संदीप को पुलिस उसी दिन गिरफ्तार कर चुकी थी. 23 सितंबर से 26 सितंबर बाकी तीन अभियुक्त भी गिरफ्तार हो चुके थे.
आरोप : गैंगरेप के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ी गई, जीभ काट ली गई.
सच्चाई : पुलिस और फोरेंसिक के मुताबिक मृतका की रीढ़ की हड्डी नहीं टूटी हुई थी. गला दबाने के क्रम में उसकी जीभ दांतों के बीच आकर कट गई थी, लेकिन उसने खुद बोलकर बयान दर्ज कराया.
आरोप : बिना परिवार की सहमति के रातों-रात पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया.
सच्चाई : परिवार की अनुमति के बाद अंतिम संस्कार किया गया. पीड़िता की मृत्यु को 24 घंटे से ज्यादा हो चुके थे और लाश सड़ने लगी थी. साथ ही प्रदेश सरकार के पास पुख्ता खुफिया जानकारी थी कि लाश को छीन उपद्रव कराने की साजिश रची गई है.
आरोप : परिवार को धमकाने का प्रयास किया गया. उन्हें समुचित सहायता नहीं मिली
सच्चाई : पीड़ित परिवार को अब तक 25 लाख रुपये की सहायता मिल चुकी है. इसके अलावा एक आवास और परिवारीजन में से एक को सरकारी नौकरी की भी घोषणा हो चुकी है.
आरोप : प्रदेश सरकार और पुलिस मिलकर मामले में आरोपियों को बचाना चाहती है.
सच्चाई : इस घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया. मामला फास्ट ट्रेक कोर्ट को सौंप दिया गया. और आखिरकार ये मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया. राज्य सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की न्यायिक निगरानी का विकल्प भी दे दिया है.
आरोप : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आरोपी संदीप के पिता के साथ तस्वीरें हैं.
सच्चाई : ये तस्वीरें मार्फिंग के जरिये तैयार की गईं. इसके लिए जस्टिस फॉर हाथरस नाम की एक वेबसाइट रातों-रात तैयार की गई. ये तस्वीरे जांच में फर्जी पाई गईं. साथ ही योगी के नाम पर फर्जी बयान वायरल किए गए. इन सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है. गिरफ्तारियां तक हो चुकी हैं.

राहुल, प्रियंका और देश की सेकुलर जमात केरल भी नहीं जाएगी। देश में दलितों से बलात्कार के मामले में केरल पहले क्रमांक पर है। हर 10,00,000 आबादी में 4.6 प्रतिशत दलित महिलाएं बलात्कार का शिकार होती हैं। कई बड़े मामलों में वामपंथी नेता, मंत्री और चर्च के लोग आरोपी हैं। राहुल गांधी वायनाड से सांसद हैं। उनके ही लोकसभा क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा मामले ऐसे हैं, जिनमें आज भी बेटियां इंसाफ के लिए लड़ रही हैं। लेकिन मुस्लिम वोटों पर सवार होकर जीते राहुल गांधी के लिए इनके लिए इंसाफ की आवाज उठाना नामुमकिन है। वजह वही, अधिकतर मामलों में आरोपी मुसलमान हैं। अगर बलात्कार की संख्या की बात भी करें, तो कांग्रेस शासित राजस्थान बलात्कार की घटनाओं में अव्वल है।

 आग लगाने की साजिश
दिल्ली में सीएए को लेकर जो दंगा भड़का था, वह पूर्वाभ्यास था, जिसमें एक तरफ कांग्रेस और उस जैसे तथाकथित सेकुलर दल थे, तो दूसरी तरफ पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई) के जिहादी। इनके साथ अनेक गैर-सरकारी संगठन, कथित मानवाधिकारी और भीम आर्मी जैसे समाज-विरोधी तत्वों की फौज है। ठीक दिल्ली की तर्ज पर उत्तर प्रदेश को हाथरस के बहाने सुलगाने की साजिश थी। हर शहर, कस्बे में दलित बनाम सवर्ण का झगड़ा पैदा करने की योजना थी। इसके लिए 100 करोड़ से ज्यादा रुपए मंगाए गए। सामने तो राहुल, प्रियंका और उनके जैसे कुछ और नेता थे। इनका काम था चिंगारी को हवा देना और उसे दावानल बनाने की जिम्मेदारी पीएफआई, भीम आर्मी जैसे संगठनों ने संभाल रखी थी।

रातों-रात बनी वेबसाइट
उत्तर प्रदेश पुलिस की खुफिया रपट में बताया गया है कि इस घटना के बाद पूरे राज्य में तनाव फैलाने की साजिश थी। रातों-रात ‘जस्टिस फॉर हाथरस’ नाम से वेबसाइट बनाई गई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्जी बयान और आपत्तिजनक तस्वीरें प्रसारित की गर्इं। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि हाथरस की कथित बलात्कार पीड़िता के शव पर कब्जा कर कुछ संगठन उपद्रव की तैयारी में थे। पुलिस ने परिवार की सहमति से रातों-रात उसका अंतिम संस्कार कराया। अफवाहें फैलाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी जानकारी मिली है। इस मामले में हाथरस पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। प्रदेश के डीजीपी ने दावा किया कि दंगे के साजिशकर्ता कुछ मीडिया संस्थानों के साथ सोशल मीडिया के एकाउंट भी इस्तेमाल कर रहे थे।

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हाथरस कांड के विरोध में सड़क जाम करते कांगे्रसी। इनकी उछल-कूद का एक ही लक्ष्य है
उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करना।
1980 में दुर्घटना में मारी गई एक दलित महिला के मामले को इंदिरा गांधी ने खूब उछाला था। यही नहीं, उन्होंने उस महिला के अनाथ बच्चों (जयप्रकाश और सोनकलिया) को गोद लेने का ऐलान किया। खूब सहानुभूति बटोरी, वोट भी। लेकिन वास्तव में उन्होंने उन दोनों बच्चों के लिए कुछ नहीं किया। सोनकलिया आज भीख मांगकर गुजारा कर रही है और जयप्रकाश तालाब में डूबकर मर चुका है।

पीएफआई के लोग गिरफ्तार
इसी दौरान दिल्ली से हाथरस जाते हुए 4 संदिग्ध युवाओं को मथुरा पुलिस ने 5 अक्तूबर को गिरफ्तार किया। पड़ताल में पता चला है कि इनके तार पीएफआई और कैंपस फ्रंट आफ इंडिया (सीएफआई) से जुड़े हैं। इनकी पहचान अतीकुर्रहमान  (पुत्र रौनक अली, निवासी-नगला, थाना-रतनपुरी, जिला- मुजफ्फरनगर),  सिद्दीकी (पुत्र मोहम्मद चैरूर, निवासी-बेंगारा थाना-मल्लपुरम, केरल) मसूद अहमद (निवासी-कस्बा, थाना-जरवल, जिला-बहराइच) और आलम (पुत्र लईक पहलवान, निवासी-घेर फतेह खान, थाना-कोतवाली, जिला-  रामपुर) के रूप में हुई है।  खुफिया सूत्रों के अनुसार पीएफआई ने ऐसे ही छोटे-छोटे दस्ते पूरे उत्तर प्रदेश में भेजे हैं। पीएफआई की ओर से कट्टरवादियों के एक खेमे को यह भी संदेश दिया जा रहा है कि किसी हिंसा की सूरत में दलितों की आड़ में मारकाट मचानी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जातीय व सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है, ‘‘जिन्हें विकास अच्छा नहीं लग रहा है वे लोग देश में और उत्तर प्रदेश में भी जातीय दंगा भड़काना चाहते हैं।’’

ईडी की पड़ताल
हाथरस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शुरुआती जांच से कई खुलासे हुए हैं। मीडिया खबरों में ईडी की रपट का हवाला देकर बताया जा रहा है कि इस कांड के बहाने जातीय दंगा फैलाने के लिए पीएफआई के पास मॉरिशस से 50 करोड़ रुपए आए थे। ईडी ने दावा किया है कि हिंसा भड़काने के लिए 100 करोड़ रुपए से अधिक की रकम जुटाई गई थी।

बेनकाब हुई साजिश
एक चैनल के स्टिंग आॅपरेशन से खुलासा हुआ है कि कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री श्योराज जीवन वाल्मीकि दंगे की साजिश रच रहे थे। मीडिया में एक वीडियो खूब प्रचारित हो रहा है। इसमें श्योराज जीवन कहते दिख रहे हैं, ‘‘जैसी स्थिति बनती जा रही है, उसमें दंगा तो कोई भी रोक नहीं पाएगा। वाल्मीकि समाज ही मार्शल कौम है। हम लोगों को गांव में मार सकते हैं। बहुत काट दिए जाएंगे, बहुत मार दिए जाएंगे। शहर में हम लोग अच्छी-खासी तादाद में हैं। तैयारी पूरी है। इसके लिए हम पूरे तरीके से लगे हुए हैं।’’ बताया जा रहा है कि श्योराज जीवन राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं।

घटिया हरकत 
कांग्रेस की घटिया राजनीति को आप इससे समझ सकते हैं कि प्रियंका गांधी ने 1 अक्तूबर को ट्विटर पर मृतका के पिता का एक विवादित वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कैमरामैन मृतका के पिता को ‘‘सीबीआई जांच होनी चाहिए, दबाव बना के किया’’, ‘‘घर में कैद कर दिया’’ ये सब बोलने के लिए कह रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने मृतका के पिता का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘‘हाथरस की बेटी के पिता का बयान सुनिए। उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया। ... वे जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? अन्याय पर अन्याय हो रहा है।’’

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हाथरस में भीम आर्मी के चंद्रशेखर। इन पर दिल्ली से लेकर हाथरस तक दंगे के लिए साजिश रचने के आरोप लग रहे हैं।

सबसे अधिक बलात्कार राजस्थान में 
2019 में देशभर में 32,033 बलात्कार की घटनाएं हुई हैं।  सबसे अधिक बलात्कार राजस्थान में हुए हैं। यहां 5,997 बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 3,065, मध्य प्रदेश में 2,485, महाराष्ट में 2,299 और केरल में 2,023 घटनाएं हुर्इं। ये राज्य बलात्कार के मामले में सबसे आगे हैं।


एक और आडियो प्रचारित हुआ है। इसमें एक अज्ञात व्यक्ति पीड़िता के भाई संदीप से बात कर रहा है, ‘‘कोई कहे कि हाथरस जाना है, यहां जाना है, वहां जाना है। कहीं भी नहीं जाना। जब वे आएं तो बताना कि पुलिस वाले मीडिया और हमारे रिश्तेदारों को आने नहीं दे रहे हैं।’’

50,00,000 का लालच
एक अन्य आॅडियो क्लिप में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र है। इसमें 25,00,000 की जगह 50,00,000 रुपए मुआवजा दिलाने की बात कही जा रही है। इसमें कोई पीड़िता के परिजन से कह रहा है कि राहुल और प्रियंका गांधी के आने के बाद ही बयान देना है। दोनों नेता दिल्ली से आ रहे हैं। 25,00,000 रु. में फैसला मत कर लेना, 50,00,000 रु. हम देंगे। भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने इस आॅडियो को ट्विटर पर शेयर किया।
इन बातों का एक ही निष्कर्ष है कि हाथरस कांड की आड़ में चुनाव में हारे और जनता की नजरों में गिर चुके नेता अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस करने के लिए पूरे देश में अशांति फैलाना चाहते हैं। ऐसे नेताओं से सावधान रहें!
   

कांग्रेस के लिए महिला मुद्दा या...
  •  कर्नाटक के  पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता सिद्धारमैया ने सरेआम एक महिला के साथ दुर्व्यवहार किया था। मैसूर में एक महिला सिद्धारमैया के पास उनके विधायक बेटे की शिकायत करने आई थी। महिला की शिकायत सुनते ही सिद्धारमैया भड़क गए और महिला की चुन्नी खींच ली और गाली-गलौज करते हुए हाथापाई तक करने लगे।
  • राहुल गांधी ने 10 अक्तूबर, 2017 को वडोदरा में महिलाओं को लेकर अमर्यादित बयान दिया। उन्होंने कहा था,  ‘‘क्या संघ की शाखाओं में महिलाएं छोटे कपड़े पहने दिखती हैं।’’ इस बयान पर महिलाओं ने आपत्ति जताई थी।
  • कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने 27 जुलाई, 2013 को इंदौर में अपनी पार्टी की सांसद मीनाक्षी नटराजन को ‘टंच माल’ कहकर संबोधित किया था।
  • हाल ही में कांग्रेस के नेताओं पर दिल्ली में राहुल गांधी के दफ्तर में ही सोशल मीडिया सेल में काम करने वाली महिला से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया। महिला ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस आयुक्त से की थी। इस मामले में राहुल गांधी ने पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
  • कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान भी नजर आई थी। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने महिलाओं को ‘सजावट का सामान’ कहा था।
  • कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने मानुषी छिल्लर के ‘मिस वर्ल्ड’ बनने पर उन्हें चिल्लर कह कर मजाक उड़ाया था। 19 नवंबर, 2017 को उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा को इस बात का अहसास होना चाहिए कि भारतीय मुद्रा का विश्वभर में वर्चस्व है, देखिए हमारी चिल्लर भी ‘मिस वर्ल्ड’ बन गई है।’’
  • कांग्रेसी नेता अभिजीत मुखर्जी, जो स्व. प्रणब मुखर्जी के पुत्र हैं, ने 28 दिसंबर, 2012 को निर्भया बलात्कार कांड के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ टिप्पणी की। अभिजीत ने कहा था, ‘‘ये महिलाएं अब प्रदर्शन कर रही हैं और रात को मेकअप से पुतकर पब में जाएंगी।’’
  • 27 दिसंबर, 2012 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता बोत्सा सत्यनारायण ने कहा था,‘‘बलात्कार से बचने के लिए महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए।’’
  • कांग्रेस के पूर्व मंत्री दामोदर राउत ने कांग्रेस प्रवक्ता सुलोचना दास पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘‘मुझे पता है किसे खुश करके आप कांग्रेस की प्रवक्ता बनी हैं।’’
  • एक अन्य कांग्रेसी दिग्गज श्रीप्रकाश जायसवाल ने एक मैच पर पाकिस्तान की जीत पर कहा था, ‘‘जैसे समय के साथ जीत की खुशी कम हो जाती है, वैसे ही समय के साथ पत्नी के चार्म में भी कमी आ जाती है।’’
  • 13 अप्रैल, 2018 को जब कठुआ कांड को लेकर राहुल गांधी ने इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला तो एक महिला टीवी पत्रकार के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बदसलूकी की। वह पत्रकार भीड़ के बीच ही रो रही थी।
  •  मुंबई में 15 अप्रैल, 2018 को कठुआ और उन्नाव बलात्कार के विरोध में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने पार्टी इकाई को लिखित में दी शिकायत में कहा, ‘‘कैंडल मार्च के दौरान पुरुष सहयोगियों ने उनके साथ बदसुलूकी की।’’
  •  24 अप्रैल, 2013 को भिंड में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सत्यदेव कटारे ने कहा, ‘‘जब तक महिला तिरछी नजर से नहीं देखेगी, तब तक पुरुष उसे नहीं छेड़ेगा।’’
  • कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने एक टीवी चैनल में बहस के दौरान भाजपा सांसद स्मृति ईरानी को पैसे के लिए ठुमके लगाने वाली कहा था।
  • कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रेणुका चौधरी ने बुलंदशहर में कहा था, ‘‘रेप तो चलते ही रहते हैं।’’
  • हरियाणा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुभाष चौधरी पर अक्तूबर, 2017 में दिल्ली के तुगलक रोड पुलिस थाने में बलात्कार का एक मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप है कि सुभाष चौधरी ने कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद के घर की नौकरानी के साथ दुष्कर्म किया था।
  • 2012 में अभिषेक मनु सिंघवी का सीडी कांड पहली बार सबके सामने आया। इसमें सिंघवी एक महिला वकील के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए दिखाई दे रहे थे। साथ ही वे महिला वकील से कह रहे हैं कि वे उसे जज बना देंगे।
  • 2013 में राजस्थान में कांग्रेस के पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर पर 35 साल की एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि बाबूलाल नागर ने सरकारी नौकरी देने के नाम पर उसका यौन उत्पीड़न किया।
  • 2012 में हरियाणा के कांग्रेसी मंत्री गोपाल कांडा पर एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। गीतिका ने 5 अगस्त, 2012 को खुदकुशी कर ली।
  • 2011 में राजस्थान के कांग्रेसी नेता और कैबिनेट मंत्री महिपाल मदेरणा पर भंवरी देवी नामक एक महिला का अपहरण, बलात्कार और फिर हत्या करने का आरोप लगा।
  • कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी पर राजभवन में ही तीन महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगे थे। इसके बाद उन्हें राज्यपाल का पद छोड़ना पड़ा। नारायण दत्त तिवारी के खिलाफ एक शख्स ने पिता होने का दावा किया था, जिसे बाद में डीएनए जांच के बाद न्यायालय ने भी सही पाया।
  • 2016 में दिल्ली में राज्यसभा सांसद शादी लाल बत्रा के खिलाफ भी एक महिला वकील ने बलात्कार का मामला दर्ज कराया था।
  • 2017 में केरल के कांग्रेस विधायक एम विंसेंट को बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
  • 2018 में मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अटेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण का प्रकरण दर्ज हुआ था। एक मां व बेटी ने उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई।
  • 2017 में बिहार कांग्रेस के उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे पर एक नाबालिग ने यौन शोषण का आरोप लगाया। इसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। पांडे मोदी सरकार के खिलाफ गरजने-बरसने वाले एक टीवी पत्रकार के बड़े भाई हैं।
  • कुख्यात अजमेर बलात्कार कांड के 26 साल बाद मुख्य आरोपी युवा कांग्रेस के अध्यक्ष फारुख चिश्ती, उपाध्यक्ष नफीस चिश्ती और संयुक्त सचिव अनवर चिश्ती के खिलाफ यौन शोषण का गंभीर मामला दर्ज हुआ। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर स्कूल की सैकड़ों बच्चियों का यौन शोषण किया था। इन बच्चियों में ज्यादातर हिन्दू थीं। मामला उजागर होने के बाद 8 बच्चियों ने आत्महत्या कर ली थी।