गिलगित-बाल्टिस्तान की यथास्थिति बदलने की कोशिशों को लेकर पीओजेके के लोगों ने किया इमरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

    दिनांक 14-अक्तूबर-2020   
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पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में एक बार फिर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है। पीओजेके के मुजफ्फराबाद, कराची शहर और गिलगित-बाल्टिस्तान के हुंजा इलाके में प्रदर्शनकारियों ने इमरान खान और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन और
 नारेबाजी की।

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पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में एक बार फिर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है। पीओजेके के मुजफ्फराबाद, कराची शहर और गिलगित-बाल्टिस्तान के हुंजा इलाके में प्रदर्शनकारियों ने इमरान खान और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। दरअसल पाकिस्तान सरकार गिलगिल-बाल्टिस्तान को अलग प्रांत बनाने और वहां की स्थिति को बदलने के प्रयास में है, जिसके खिलाफ गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद के स्थानीय नागरिक समेत सामाजिक कार्यकर्ता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार जबरन गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देकर वहां की यथास्थिति को बदलने के प्रयास में है। वहीं सरकार गिलगित-बाल्टिस्तान में बाहरी लोगों को बसाकर जनसंख्या के अनुपात को भी बदलने का प्रयास कर रही है। पाकिस्तान सरकार के इस तानाशाही के खिलाफ स्थानीय नागरिक लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
 
वहीं प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2011 से जेल में बंद बाबा जान समेत अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सरकार जल्द रिहा करे। बता दें कि इन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सरकार ने दंगे करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अवामी वर्कर्स पार्टी के नेता बाबा जान समेत कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं को एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा दी है। इन लोगों को पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति और उसके बच्चों की मौत के बाद प्रदर्शन करने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। क्योंकि यह प्रदर्शनकारी सरकार से पुलिस की गोलीबारी में मारे गये लोगों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना कि सरकार ने इन्हें गलत आरोपों में फंसाकर जेल में बंद किया है।