लखनऊ: आसिफ से निकाह कर आत्मदाह को मजबूर हुई अंजना तिवारी की मौत, कांग्रेसी नेता ने उकसाया था, गिरफ्तार

    दिनांक 15-अक्तूबर-2020
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पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया। इससे पहले एक और महिला इस तरह बहकावे में आकर जान दे चुकी है। आरोप है ​कि सरकार को बदनाम करने के लिए इस तरह की साजिश की जा रही है

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“लव जिहाद” का शिकार होने पर अंजना तिवारी को लगा कि लखनऊ पहुंच कर उसे न्याय मिल जाएगा. लखनऊ पहुंचने पर उसकी मुलाक़ात आलोक प्रसाद से हुई. आरोप है कि योगी सरकार को बदनाम करने के लिए आलोक प्रसाद ने पीड़िता को आत्मदाह के लिए उकसाया. पीड़िता ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने 13 अक्टूबर को खुद को आग लगा ली।

गंभीर रूप से घायल पीड़िता को लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 14 अक्टूबर को उसकी मृत्यु हो गई. पीड़िता को उकसाने के आरोपी आलोक प्रसाद हैं। वह पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के पुत्र हैं और कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने आलोक प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि अलोक प्रसाद की लोकेशन घटना स्थल के पास थी और वह पीड़िता के संपर्क में था. इसी प्रकार गत जुलाई माह में साफिया नाम की महिला लखनऊ पहुंची थी. उसे भी इसी तरह कांग्रेस और एमआईएम के दो नेताओं ने आत्मदाह के लिए उकसाया था. अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी.
 
 
बता दें कि मंगलवार लखनऊ के भाजपा कार्यालय के सामने आत्मदाह करने वाली अंजना तिवारी आसिफ के झांसे में आकर आयशा बनी थी. आसिफ की शर्त थी कि इस्लामिक नियमों के अनुसार ही निकाह होगा इसलिए अंजना को ‘कन्वर्जन’ करना पड़ा. अंजना ने इस्लामिक रीति-रिवाज स्वीकार कर लिया. निकाह के बाद अंजना को आसिफ के घरवाले प्रताड़ित करने लगे.

इस बीच, आसिफ, अंजना को छोड़कर सऊदी अरब चला गया. आसिफ के घरवालों ने अंजना को इतना प्रताड़ित किया कि वह विवश होकर लखनऊ पहुंची. लखनऊ में उसकी मुलाक़ात कांग्रेस पार्टी के आलोक प्रसाद से हुई. आरोप है कि आलोक प्रसाद ने पीड़िता से कहा कि अगर वह भाजपा कार्यालय के सामने जाकर खुद को आग लगा ले तो उसके मामले में त्वरित कार्रवाई होगी. पीड़िता ने ठीक वैसा ही किया जिसकी वजह से उसकी मृत्यु हो गई.
बता दें कि विगत जुलाई माह में अमेठी जनपद के मामूली से विवाद को कांग्रेस और एमआईएम के दो नेताओं ने उकसाया. इन नेताओं ने मां – बेटी को उकसाया कि अगर वो आत्मदाह का प्रयास करेंगी तो उनके मामले में बहुत जल्द कार्रवाई होगी. साफिया त्वरित कार्रवाई की बात सुनकर इन लोगों की बातों में आ गई. साफिया और उसकी – बेटी गुड़िया ने विगत 17 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने खुद को आग लगा ली .

जब तक बचाने का प्रयास किया जाता तब तक साफिया 80 फीसदी से अधिक और उसकी बेटी गुड़िया 20 फीसदी से अधिक जल चुकी थी. लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां साफिया की मृत्यु हो गई. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था.
घटना के बाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने खुलासा करते हुए बताया था कि “ अमेठी में पड़ोसी से नाली का विवाद था. साफिया कांग्रेस के कार्यालय में गईं. जहां पर उन्हें आत्मदाह के लिए उकसाया गया. कांग्रेस कार्यालय में अनूप पटेल ने एक न्यूज़ चैनल के मीडियाकर्मी को फोन करके कवरेज करने के लिए कहा था. इस प्रकरण में एमआईएम के नेता कदीर खान की भी भूमिका थी. कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल भेजा गया.”