एक तरफ सिंध तो दूसरी तरफ गिलगित-बाल्टिस्तान में सरकार के खिलाफ फूटता लोगों का गुस्सा, प्रदर्शकारियों ने कहा—पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है गिलगित-बाल्टिस्तान

    दिनांक 22-अक्तूबर-2020   
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पाक अधिक्रांत जम्मू—कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2011 से जेल में बंद बाबा जान समेत अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सरकार तुरंत रिहा करे।
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गौरतलब है कि बीते 3 सप्ताह से गिलगित-बाल्टिस्तान में विरोध प्रदर्शन जारी है। लेकिन इसके बावजूद सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों को अनसुना कर रही है। प्रदर्शन के दौरान आन्दोलनकारी जमकर पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, साथ ही प्रदर्शनकारियों के हाथों में फ्री सन्स ऑफ हुंजा, फ्री राजनीतिक कार्यकर्ता जैसे पोस्टर भी दिखे। प्रदर्शनकारियों ने उस कानून पर सवाल उठाए, जिसके तहत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र पाकिस्तान और उसके कानूनों का हिस्सा नहीं है। सरकार इन कानूनों का यहां इस्तेमाल नहीं करे। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। बता दें कि बीते 3 सप्ताह से जारी प्रदर्शन में अब दूरदराज के गांवों के लोग भी शामिल हो गए हैं। ये सभी लोग उन राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जो सालों से अवैध सजा काट रहे हैं। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में आतंकवाद-निरोधी अधिनियम की अनुसूची IV का उपयोग किया है, ताकि सरकार के दमन का विरोध करने वाली आवाज़ों को दबाया जा सके। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका विरोध प्रदर्शन आकार में अब बड़ा हो गया है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया द्वारा पक्षपातपूर्ण कवरेज के कारण इसे नहीं दिखाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध इस समय अनिश्चितकालीन है।
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एक अन्य प्रदर्शनकारी ने सरकार से कहा कि यदि आप सोचते हैं कि आप अराजकता फैलाकर हमारी आवाज़ दबा सकते हैं, तो उन्हें बता दूं कि वे कभी इसमें सफल नहीं होंगे। यह 21वीं सदी है, हम चुप नहीं बैठेंगे। पाकिस्तानी मीडिया हमारे मुद्दों को कवर नहीं कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों ने भी अधिकारियों को धमकी दी है कि अगर उनकी मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो जाएगा। एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं। पाकिस्तान का संविधान हमारे लिए लागू नहीं होता है। हमारे लोगों की गिरफ्तारी के पीछे कोई तर्क और कानून नहीं है। वे पिछले 10 वर्षों से गिरफ्तार किए गए हैं। यदि हम आपके देश का हिस्सा नहीं हैं तो कैसे उसके कानून हमारे लिए लागू होते हैं।
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