महबूबा मुफ्ती के देशविरोधी बयान पर बिफरे जम्मू-कश्मीर के लोग, पीडीपी दफ्तर पर फहराया तिरंगा

    दिनांक 26-अक्तूबर-2020   
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के देश विरोधी बयान पर राज्य के लोग न केवल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि उनके बयान की तीखी आलोचना कर रहे। इसी क्रम में पिछले दिनों जम्मू के लोगों ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और पीडीपी कार्यालय पर तिरंगा फहराया
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के देश विरोधी बयान पर जम्मू—कश्मीर के लोग न केवल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि उनके बयान की तीखी आलोचना कर रहे हैं। इसी क्रम में पिछले दिनों जम्मू के लोगों ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान शिवसेना डोगरा फ्रंट (एसएसडीएफ) ने महबूबा के तिरंगे वाले टिप्पणी का जवाब तिरंगे से ही दिया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा रैली निकाली, जिसमें जम्मू के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लिए महबूबा मुफ्ती के खिलाफ नारेबाजी की।

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एसएसडीएफ के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि हम महबूबा और नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला जैसे कश्मीरी नेताओं के राष्ट्र विरोधी बयानों को सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को पाकिस्तान एवं चीन भेज देना चाहिए, क्योंकि भारत में उनकी कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमारा गौरव है और हमारे बलिदानियों की प्रतिष्ठा है। हमारे बीच ऐसे भी मुसलमान हैं, जिन्हें तिरंगे पर गर्व है।


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गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते हुए देशद्रोही बयान दिया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी टेबल पर रखे जम्मू-कश्मीर के पूर्व के झंडे की तरफ इशारा करते हुए था कहा कि जब तक मेरा झंडा मेरे पास वापस नहीं आ जाता है, तब तक कोई भी दूसरा झंडा नहीं उठाऊंगी। उन्होंने कहा कि जब हमारा झंडा हमारे हाथ में आएगा, हम उस वक्त तिरंगा को भी उठाएंगे। बता दें कि महबूबा मुफ्ती के सभी सियासी हमलों और राजनीतिक एजेंडा के इतर उनका भारतीय तिरंगे को न उठाना और कहना कि उनके लिए जम्मू-कश्मीर राज्य का झंडा सर्वोपरि है, यह देश का अपमान है और पूर्ण रूप से देशद्रोही बयान है। हालांकि उनके इस बयान के बाद से ही उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक हमले जारी हैं।