यूपी के सभी थानों में होगी महिला हेल्प डेस्क, 40 जनपदों में हुई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने की स्थापना

    दिनांक 27-अक्तूबर-2020
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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थानों के तौर पर मान्यता दी गई है. अब इस सम्बन्ध में अपराध पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए किसी अन्य थाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा

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महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए योगी सरकार लगातार प्रयासरत है. मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी 1535 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है. महिला हेल्प डेस्क को एक पारदर्शी कमरे का स्वरूप दिया जाएगा. जहां महिला पुलिसकर्मी तैनात होगी. इसके साथ ही ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए प्रदेश के 40 जनपदों में थानों की स्थापना की गई है.
मिशन शक्ति अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 1535 थानों में एक सीक्रेट रूम बनवाने के निर्देश दिए हैं. पूरी तरह पारदर्शी ये रूम सभी बुनियादी सुविधाओं से लैस होंगे. इसमें महिला पुलिसकर्मी को तैनात किया जाएगा. पीड़ित महिला बिना संकोच अपनी बात कह सकेंगी. यही नहीं महिला हेल्प डेस्क या सीक्रेट रूम में हेल्पलाइन के सभी नंबर - 1090, 181, 112,1076,1098, और 102 लिखें जायेंगे ताकि कोई भी महिला जरूरत पड़ने पर फोन कर सके. इन नंबरों का दुरूपयोग करने वालों के लिए चेतावनी भी अनिवार्य रूप से अंकित की जाएगी.
इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के 40 थानों का गठन किया गया. महिला और बाल सुरक्षा की दिशा में योगी सरकार का यह बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थानों के तौर पर मान्यता दी गई है. अब इस सम्बन्ध में अपराध पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए किसी अन्य थाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इस कार्य के लिये केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को वित्तीय सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं के सम्मान को संस्कार बनाना होगा. इसके लिए मिशन शक्ति के इस कार्यक्रम को स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थाओं तक भी ले जाएं. सुबह की प्रार्थना और किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान भी लोगों को इस बाबत जागरूक करें. इसके लिए प्रबुद्ध वर्ग खासकर जागरूक महिलाएं आगे आएं तो नतीजे और बेहतर निकलेंगे.