'टू प्लस टू' वार्ता में अमेरिका का भारत को भरोसा, कहा— “सभी खतरों से एक साथ मिलकर निपटेंगे भारत-अमेरिका”

    दिनांक 28-अक्तूबर-2020
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भारत-अमेरिका के बीच हुई “टू प्लस टू” बैठक में कई अहम मुदृदों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने कुल 5 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक चिंताओं से जुड़े ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा की जिन पर भारत और अमेरिका एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं

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भारत-अमेरिका के बीच हुई “टू प्लस टू” बैठक में कई अहम मुदृदों पर चर्चा हुई। इस बैठक के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। दोनों देशों ने कुल 5 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अपने भारत दौरे पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी बैठक की। बैठक में माइक पोम्पियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंताओं से जुड़े ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा की जिन पर भारत और अमेरिका एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। दोनों नेताओं ने कोविड-19 प्रतिक्रिया, सुरक्षा और रक्षा सहयोग, स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर हित साझा किए। अमेरिकी राज्य विभाग के डिप्टी प्रवक्ता केल ब्राउन ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री और भारत के प्रधानमंत्री ने भारत-प्रशांत क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा और समृद्धि को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया है।
इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर से मुलाकात अच्छी रही। भारत-अमेरिका संबंधों में जबरदस्त प्रगति और टू प्लस टू वार्ता के परिणामों को देखकर खुशी हुई। हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा सिद्धांतों, सामान्य रणनीतिक हित दृढ़ नींव पर हैं। इस मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभल और भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर भी उपस्थित थे।
भारत और अमेरिका के बीच हुए 5 अहम समझौते
— बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (बीईसीए) समझौता
—टेक कॉर्पोरेशन – अर्थ साइंस ऐंड अर्थ ऑब्जर्वेशन
—न्यूक्लियर एनर्जी के ग्लोबल सेंटर की अविधि में बढ़ोतरी
—कस्टम डेटा पर अग्रीमेंट
—आयुष और अमेरिकी वैकल्पिक दवा के बीच समझौता
वॉर मेमोरियल जाकर दी श्रद्धांजलि
संयुक्त प्रेस वार्ता में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि आज हम वॉर मेमोरियल गए। हमने उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने भारत के लिए अपनी जान दी। इनमें वे 20 जवान भी शामिल हैं, जो गलवान में चीन से लड़ते हुये बलिदान हुए थे। भारत अपनी अखंडता के लिए खतरों से लड़ रहा है और हम भारत के साथ खड़े हैं। पोम्पियो ने कहा कि भारत और अमेरिका को भारतीय उपमहाद्वीप और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से चीन के खतरों का सामना करने की जरूरत है। पोम्पियो ने कहा कि हमारे नेताओं और नागरिकों को स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी लोकतंत्र, कानून का शासन और पारदर्शिता के लिए खतरा है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका न केवल चीन पाकिस्तान कॉरिडोर की ओर से पैदा हुए खतरे के खिलाफ, बल्कि सभी खतरों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं। पोम्पियो ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि अमेरिका और भारत न सिर्फ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी बल्कि सभी तरह के खतरों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।
रक्षामंत्री ने जताई खुशी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट के पूरा होने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी साझा करने के नए आयाम को खोलेगा। भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हुआ है। हम जल्द ही उद्योगों और सेवाओं को ठीक करने की कोशिश करेंगे। ऐसे मुश्किल दौर में साझेदारी और महत्वपूर्ण हो जाती है। हम दोनों ही देश लोकतंत्र में यकीन रखते हैं। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के द्वीपक्षीय रिश्तों में तेजी से सुधार हुआ है।