‘आधी आबादी’ की पूरी सुरक्षा

    दिनांक 28-अक्तूबर-2020   
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‘मिशन शक्ति’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 
सनातन परंपरा में नारी पूजनीय है। नवरात्र अनुष्ठान इसी का द्योतक है। इस बदलते दौर में नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति की परंपरा का वाहक बनाने और उसमें नारी के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन भावना का विस्तार करने की जरूरत है। ‘मिशन शक्ति’ का यही प्रयास है
शारदीय नवरात्र (17 अक्तूबर) के अवसर पर उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बलरामपुर एवं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने लखनऊ से इस प्रदेशव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान अगले साल के वासंतिक नवरात्र तक चलेगा। इसके तहत पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए जाएंगे। ‘मिशन शक्ति’ के पहले चरण में महिलाओं, बेटियों और बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करते हुए जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। दूसरे चरण में चिन्हित मनचलों, शोहदों को समझाने का काम किया जाएगा। इसके बाद भी अगर उनमें सुधार न हुआ तो जनसहयोग से ऐसे असामाजिक तत्वों के सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई होगी, उनकी तस्वीर चौराहों पर लगेगी।
इस अभियान के अंतर्गत महिला हित में कार्य करने वाली संस्थाओं, समूहों और व्यक्तियों को प्रदेश सरकार सम्मानित करेगी। महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके मनोबल को ऊंचा उठाने के लिए हर अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। महिला संबंधी कोई भी मामला त्वरित न्यायालय में चलाया जाएगा। ऐसे न्यायालयों का गठन किया जा रहा है। महिलाओं की सुविधा और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदेश के सभी थानों और तहसीलों में ‘महिला हेल्प डेस्क’ की स्थापना की जाएगी। वहां पर महिला पुलिस को तैनात किया जाएगा।
अभियान का प्रारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘जो लोग नारी के सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की कोशिश करेंगे, बेटियों पर बुरी नजर डालेंगे, ऐसे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोग सभ्य समाज के लिए कलंक हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ऐसे अपराधियों से पूरी कठोरता से निबटेगी। ऐसे तत्वों की दुर्गति तय है।’’ 
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की शुरुआत घर से होनी चाहिए। बेटा-बेटी में कोई भेद न हो, गर्भ में बेटियों की हत्या और बाल विवाह की सार्वजनिक रूप से निंदा होनी चहिए। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’, ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ जैसे प्रयासों के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार पूरी मजबूती से बेटियों के उत्थान के लिए संकल्पित है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों, 521 खंडों, 59,000 पंचायतों, 630 शहरी निकायों और 1,535 थानों के जरिए महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुल 23 विभाग इस अभियान का हिस्सा होंगे। स्थानीय स्तर पर सामाजिक संगठन, विभिन्न महिला संगठनों, मीडिया तथा जागरूक समाजसेवियों की एक समिति बनाई जाएगी। इसकी देखरेख में महिला सशक्तिकरण में योगदान देने वाली, भ्रूण हत्या रोकने संबंधी अभियान चलाने वाली, महिला शिक्षा पर काम करने वाली और महिला अपराध रोकने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली महिलाओं को ‘रोल मॉडल’ के लिए चुना जाएगा। हर जिले से 100 ‘रोल मॉडल’ का चयन किया जाएगा।

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महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए किया जा रहा है प्रशिक्षित
 
मुख्यमंत्री ने इस अभियान की त्रिस्तरीय समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं। शासन स्तर पर मुख्य सचिव हर महीने, जिलाधिकारी साप्ताहिक और संबंधित विभाग दैनिक समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय को इसकी रपट भेजनी होगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा है कि अपने खिलाफ होने वाली हिंसा या अपराध की शिकायत जरूर करें।
‘मिशन शक्ति’ के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने महिला जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से ‘वर्चुअल’ माध्यम से संवाद किया। जनपद बाराबंकी के ग्राम कोठी की प्रधान महजबीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि उनके द्वारा गांव की बैठक में बेटियों-महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव जगाया जाता है। तो बिजनौर जनपद के दीया मोहम्मदपुर देवमल गांव की प्रधान संजू रानी ने कहा कि वे लोगों को जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं। वहीं बाराबंकी के ग्राम चंदवारा की प्रधान प्रकाशिनि जायसवाल ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में किशोरी साइकिल बैंक का अभिनव प्रयास किया है। बस्ती जनपद के नकटी देई, कप्तानगंज की प्रधान वर्षा सिंह से भी मुख्यमंत्री ने बातचीत की।
 
अभियान का दिखने लगा असर
मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रयागराज जनपद की पुलिस ने ‘शक्ति वाहिनी सेवा’ की शुरुआत की है। शक्ति वाहिनी शहर के ऐसे स्थानों पर गश्त कर रही है, जहां पर छेड़खानी की घटनाएं अधिक होती हैं। मिशन शक्ति को सफल बनाने के लिए मैनपुरी जनपद में तैनात आईएएस दंपती ईशा प्रिया और ऋषिराज गत दिनों शहर में पैदल निकल पड़े। उन्होंने बाजार में महिलाओं और बेटियों से उनका हाल-चाल पूछा। महिलाओं से काफी विस्तृत बातचीत की और यह भी बताया कि घटना के समय कैसे निबटना है। उनके इस प्रयास की सराहना हर जगह हो रही है।
 
मुख्यमंत्री की इस पहल का प्रदेश की महिलाओं ने स्वागत किया है। उन्हें लगने लगा है कि आने वाला समय महिलाओं के लिए अच्छा होने वाला है। कानुपर की अक्षरा मोहन कहती हैं, ‘‘मिशन शक्ति निस्संदेह बहुत ही अच्छा अभियान है। इस अभियान से गुंडों में दहशत पैदा होगी और महिलाओं में शासन के प्रति विश्वास बढ़ेगा।’’ यही कारण है कि प्रदेश की महिलाएं ही नहीं, आम आदमी भी इस अभियान की सफलता की कामना कर रहा है। उम्मीद है कि यह अभियान सफल होगा और प्रदेश में एक अच्छा वातावरण बनेगा। ल्ल