दरोगा ने फर्ज से ज्यादा मजहब को तरजीह दी, गलती सुधारी तो निलंबन हुआ खत्म

    दिनांक 28-अक्तूबर-2020
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यूपी के बागपत जिले में तैनात दरोगा को कप्तान ने पुलिस नियमों का हवाला देकर दाढ़ी कटाने को कहा। दरोगा नहीं माना तो निलंबित कर दिया। अब दरोगा की अक्ल ठिकाने आ गई तो निलंबन वापस कर बहाल कर दिया गया

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मजहबी उद्देश्य के साथ दारोगा इंतसार अली पुलिस में रहते हुए दाढ़ी बढ़ाते ही जा रहे थे. बागपत जनपद के पुलिस अधीक्षक की नजर जब उनकी दाढ़ी पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस के अनुशासन एवं कायदे – कानून का हवाला देते दाढ़ी बनवाने के लिए आदेश दिया. दारोगा इंतसार अली को पुलिस अधीक्षक की तरफ से तीन बार चेतावनी दी गई मगर उनके उपर कोई फर्क नहीं पड़ा. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने दारोगा इन्तसार अली को निलंबित कर दिया. कुछ ही दिन निलंबित रहने पर इन्तसार अली का मजहबी जुनून ठिकाने पर आ गया और वह दाढ़ी बनवा कर पुलिस अधीक्षक के सामने पेश हुए. आदेश का अनुपालन हो जाने पर पुलिस अधीक्षक ने दारोगा को बहाल कर दिया.
बता दें कि बागपत जनपद के थाना रामाला में तैनात दरोगा इंतसार अली काफी समय से मजहब के अनुसार लम्बी दाढ़ी रखे हुए थे. बागपत जनपद के पुलिस अधीक्षक ने दारोगा इंतसार अली को आदेश दिया था कि वह दाढ़ी बनाव लें. पुलिस एक अनुशासन फ़ोर्स है. कोई भी पुलिसकर्मी बिना अनुमति के दाढ़ी नहीं रख सकता है. यही नहीं पुलिस अधीक्षक ने इंतसार अली को अलग-अलग मौके पर तीन बार चेतावनी दी थी मगर इंतसार अली, मजहबी रवैये पर कायम रहे. इसके बाद बागपत के पुलिस अधीक्षक ने इंतसार अली को निलंबित कर दिया था.
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी ने भी इस मामले का संज्ञान लिया और वर्दी के सम्बन्ध में जारी किये गए दिशा – निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया. पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि सिख धर्म के पुलिसकर्मियों को छोड़कर किसी अन्य पुलिसकर्मी को बिना अनुमति के दाढ़ी-बाल रखने की इजाजत नहीं है. अगर पुलिस का कोई सक्षम अधिकारी दाढ़ी रखने की अनुमति देता है तो यह अनुमति निश्चित अवधि के लिए होगी. अनुमति देते समय ही आदेश में इसका स्पष्ट उल्लेख होगा कि अनुमति कितने समय के लिए दी गई है. बाल छोटे और सही तरीके से कटे होने चाहिए. धार्मिक आधार पर केवल अस्थाई अवधि के लिए दाढ़ी रखने की अनमुति दी जा सकती है. सभी अधिकारी व कर्मचारी निर्धारित एवं स्वच्छ वर्दी धारण करें. वर्दी के पैटर्न और निर्धारित जूते के अतिरिक्त कोई अन्य जूता, चप्पल या सैंडल आदि की अनुमति किसी को नहीं है. गलत वर्दी, टोपी, नेम प्लेट एवं कमीज खुले रहने पर इसे अनुशासन हीनता समझा जाएगा.