गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रस्तावित सूबा बनाने का हो रहा जमकर विरोध, इमरान सरकार के खिलाफ वकीलों ने किया प्रदर्शन

    दिनांक 06-अक्तूबर-2020   
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 गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का प्रस्तावित सूबा बनाए जाने की खबरों के बीच पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है, जिसकी आंच अब इस्लामाबाद तक पहुंच चुकी है। बीते रविवार को पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान के वकीलों ने इस्लामाबाद प्रेस क्लब के सामने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया
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गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का प्रोविज़नल प्रोविंस बनाए जाने की खबरों के बीच पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है, जिसकी आंच अब इस्लामाबाद तक पहुंच चुकी है। बीते रविवार को पाक अधिक्रांत जम्मू—कश्मीर के गिलगित—बाल्टिस्तान के वकीलों ने इस्लामाबाद प्रेस क्लब के सामने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी वकीलों ने पाकिस्तान सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर गिलगित—बाल्टिस्तान को पाकिस्तान ने स्थानीय लोगों की इच्छा के खिलाफ जबरनप्रस्तावित सूबा बनाने की कोशिश की तो पाकिस्तान को मीरपुर-मुज्जफराबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी विरोध झेलना पड़ेगा। लोग किसी भी कीमत पर इस फैसले को नहीं मानेंगे।

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दरअसल पाकिस्तान सरकार चीन के आदेश के मुताबिक गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का 5 वां प्रस्तावित सूबा  बनाने की कोशिश में जुटा है। पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने 16 सितंबर को इसको लेकर एक ऑल पार्टी मीटिंग भी की थी, जिसमें पाकिस्तान की तमाम पार्टियों को बताया गया था कि गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का प्रस्तावित सूबा बनाने का फैसला कर लिया गया है, जिसकी घोषणा 15 नवंबर को गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों के बाद कर दी जायेगी। इन खबरों के बाद से ही गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
 
गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है और लिहाजा अपनी जमीन की रक्षा के लिए भारत कोई भी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। भारत ने अपने बयान में पाकिस्तान की इस साजिश को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के खिलाफ बताया है

इस सबके बीच भारत ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में संदेश भेज दिया है कि भारत गिलगित-बाल्टिस्तान में किसी तरह की यथास्थिति में बदलाव के फैसले को स्वीकार नहीं करेगा। गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है और लिहाजा अपनी जमीन की रक्षा के लिए भारत कोई भी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। भारत ने अपने बयान में पाकिस्तान की इस साजिश को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के खिलाफ बताया है।