हाथरस का पीएफआई कनेक्शन, आतंकी संगठन के चार कार्यकर्ता गिरफ्तार

    दिनांक 06-अक्तूबर-2020
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हाथरस की घटना के बहाने प्रदेश में जातीय हिंसा और साम्प्रदायिक दंगा भड़काने के लिए पीएफआई और एसडीपीआई ने षड़यंत्र रचा था. 5 अक्टूबर को देर रात नई दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे पीएफआई के चार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है
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पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने टोल प्लाजा मांट पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी. स्विफ्ट डिजायर नंबर- डीएल 01जेडसी 1203 में चार लोग सवार थे. पुलिस ने अतीकुर्र रहमान , सिद्दीकी, मसूद अहमद एवं आलम को गिरफ्तार कर लिया. इनके कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप एवं शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला संदिग्ध साहित्य बरामद हुआ. इन चारों ने पुलिस को बताया कि इनका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सह संगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से है. मथुरा जनपद के थाना मांट में इन चारों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

उल्लेखनीय है कि 5 अक्टूबर को दिन में हाथरस जनपद के थाना चंदपा में पोस्‍टरों एवं सोशल मीडिया पोस्‍ट के माध्यम से माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. आडियो टेप जिसमे माहौल बिगाड़ने के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं. इस आडियो टेप के सम्बन्ध में भी एफआईआर दर्ज की गई है. इसके पूर्व , रविवार को थाना चंदपा के उप निरीक्षक की तहरीर पर अपराध के लिए उकसाने, राष्ट्रद्रोह , षडयंत्र रचने का आरोप , धर्म भाषा एवं जाति के आधार पर विद्वेष फैलाने , राष्‍ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बयान देने , झूठे साक्ष्‍य गढ़ने , कूटरचना करने , कूटरचित दस्‍तावेजों का प्रयोग करने और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 67 का उल्लंघन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई.

उप निरीक्षक ने अपनी तहरीर में लिखा है कि हाथरस की दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना के बहाने कुछ अराजक तत्‍व नाजायज लाभ लेने के लिए आपराधिक षडयंत्र के तहत पूरे प्रदेश का अमन चैन बिगाड़ने और जातीय द्वेष भड़काने का प्रयास कर रहे हैं . पीड़ि‍त परिवार को गलत बयान देने के लिए भी उकसा रहे हैं. पीड़ित परिवार पर दबाव डालकर 50 लाख रुपयों का प्रलोभन दिया जा रहा है. झूठ बोलने के लिए भी उकसाया जा रहा है.